रांची , मार्च 19 -- झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आगामी ईद, सरहुल एवं रामनवमी पर्वों के दौरान विधि-व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देशों के आलोक में उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी।

बैठक का उद्देश्य सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए पर्वों के दौरान शांति, सौहार्द एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना था। बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण प्रवीण पुष्कर, पुलिस अधीक्षक नगर पारस राणा, पुलिस अधीक्षक यातायात राकेश सिंह, अपर जिला दण्डाधिकारी (विधि-व्यवस्था) राजेश्वरनाथ आलोक, अनुमण्डल पदाधिकारी, सदर कुमार रजत, उपसमाहर्त्ता नजारत सुदेश कुमार सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

श्री भजन्त्री ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सभी पदाधिकारी मुख्यमंत्री के निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें तथा किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूर्व से ही समुचित तैयारी रखें। उन्होंने निर्देश दिया कि संवेदनशील एवं भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष सतर्कता बरती जाए तथा पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी एवं पुलिस बल की तैनाती की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।

ईद पर्व के दौरान सभी ईदगाहों एवं नमाज स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम को साफ-सफाई एवं पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये। श्री भजन्त्री ने कहा कि पर्व के दौरान आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए, इसके लिए सभी आवश्यक नागरिक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।

सरहुल एवं रामनवमी पर्व के अवसर पर निकलने वाली शोभायात्राओं को लेकर श्री भजन्त्री ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिये। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्धारित रूटों का भौतिक सत्यापन (फिजिकल वेरिफिकेशन) किया जाए तथा मार्ग में आने वाली संभावित बाधाओं को पूर्व में ही दूर कर लिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि शोभायात्राओं के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने हेतु प्रभावी ट्रैफिक प्लान तैयार किया जाए। साथ ही पर्याप्त दंडाधिकारी और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की जाए।

बैठक में सरना समितियों एवं रामनवमी पूजा समितियों से अपील की गयी कि वे उच्च न्यायालय के आदेशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें। झंडों एवं झांकियों की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने का आग्रह किया गया। साथ ही कहा कि कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मोटरसाइकिल रैली न निकालें।

श्री भजन्त्री ने पर्वों के दौरान संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ड्रोन के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इससे गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण एवं त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी बैठक में विशेष चर्चा की गयी। अभिभावकों से अपील की गयी कि वे सरहुल एवं रामनवमी के दौरान अपने बच्चों के पॉकेट में मोबाइल नंबर लिखकर रखें, ताकि यदि बच्चे भीड़ में बिछड़ जाते हैं तो उन्हें शीघ्र उनके अभिभावकों से मिलाया जा सके। सोशल मीडिया एवं अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विशेष निगरानी रखने के निर्देशश्री भजन्त्री ने सोशल मीडिया एवं अन्य डिजिटल माध्यमों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के भड़काऊ, आपत्तिजनक या अफवाह फैलाने वाले पोस्ट, वीडियो अथवा संदेशों पर प्रशासन द्वारा कड़ी नजर रखी जाएगी। इसके लिए साइबर सेल एवं संबंधित एजेंसियों को सक्रिय रखते हुए लगातार मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया गया है।

श्री भजन्त्री ने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पूरी जिम्मेदारी एवं सतर्कता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें तथा यह सुनिश्चित करें कि सभी पर्व शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न हों। उन्होंने आम नागरिकों से भी प्रशासन का सहयोग करने एवं आपसी भाईचारे एवं सद्भाव की परंपरा को बनाए रखने की अपील की।

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