नयी दिल्ली , अप्रैल 29 -- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हाल ही में चंडीगढ़, जालंधर, लुधियाना और पटियाला में स्थित 11 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया है।
ईडी के चंडीगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय ने बुधवार को यह जानकारी दी। जिन ठिकानों पर अभियान चलाया गया , वे तत्कालीन डीआईजी एचएस भुल्लर और उनके सहयोगियों से जुड़े हैं, जिनमें प्रॉपर्टी डीलर और संदिग्ध बेनामीदार शामिल हैं।
ईडी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और चंडीगढ़ के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो(एसीबी) द्वारा दर्ज की गई प्रथम सूचना रिपोर्ट के आधार पर जांच शुरू की। यह प्राथमिकी आकाश बत्ता की शिकायत के बाद दर्ज की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि भुल्लर ने अपने बिचौलिए कृषानु के जरिए सरहिंद पुलिस थाने में दर्ज एक मामले को निपटाने के लिए अवैध रिश्वत की मांग की थी। यह मांग कथित तौर पर यह सुनिश्चित करने के लिए की गई थी कि शिकायतकर्ता के कबाड़ के कारोबार के खिलाफ कोई भी ज़बरदस्ती या प्रतिकूल पुलिस कार्रवाई न की जाए। भुल्लर के खिलाफ उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं ज़्यादा संपत्ति रखने के संबंध में एक और प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
ईडी ने बताया कि उसकी जांच में विभिन्न प्रॉपर्टी डीलरों और उनसे जुड़े लोगों के बैंक खातों में बड़ी मात्रा में नकद जमा और ट्रांसफर का पता चला, जिनकी पहचान संदिग्ध बेनामीदारों के रूप में की गई है। इन लोगों के पास ज़मीन में किए गए निवेश के अनुपात में आय का कोई वैध स्रोत नहीं था। इन लेन-देन का तरीका और पैमाना यह संकेत देता है कि बड़ी मात्रा में बेहिसाब नकदी को कई खातों के ज़रिए घुमाया गया और इन व्यक्तियों के बैंक खातों में जमा किया गया। इस पैसे का इस्तेमाल बाद में संदिग्ध बेनामीदारों के नाम पर संपत्तियां खरीदने के लिए किया गया। संपत्ति के मूल दस्तावेज़ पहले सीबीआई ने भुल्लर के आवास से जब्त किए थे, जो उनके वास्तविक स्वामित्व का संकेत देते थे। तलाशी के दौरान ऐसी कई संपत्तियों से जुड़े सबूत बरामद और ज़ब्त किए गए। इनमें चंडीगढ़, लुधियाना, कपूरथला, मोहाली और ज़ीरकपुर में स्थित आवासीय और कृषि संपत्तियां शामिल हैं। तलाशी में 1.4 करोड़ रुपये जब्त या फ्रीज किए गए और कथित धन शोधन गतिविधियों से जुड़े विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज़ बरामद किए गए।
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