नयी दिल्ली , जनवरी 30 -- प्रर्वतन निदेशालय (ईडी), हैदराबाद ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को धोखाधड़ी के मामले में कुर्क की गई 16 करोड़ रुपये की पांच अचल सम्पतियां वापस दिलायी है।
क्षेत्रीय कार्यालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इस मामले में 19 अक्टूबर 2011 को प्राथमिकी दर्ज की गयी। ये सम्पति घनश्यामदास जेम्स एंड ज्वेल्स और उसके प्रबंधकीय साझेदार संजय अग्रवाल के मामले में धनशोधन मामले में जांच के दौरान कुर्क की गई थीं। अदालत द्वारा वापस की गई अचल सम्पति में तेलंगाना के रंगा रेड्डी और मेडक जिलों में एक भूखंड और खेती की ज़मीनें शामिल हैं। वापस की गई इन सम्पतियों की मौजूदा बाजार कीमत 16 करोड़ रुपये है।
ईडी ने केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा घनश्यामदास जेम्स एंड ज्वेल्स और उसके साझेदारों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के आधार पर अपनी जांच शुरू की थी। उन पर पीएनबी की तरफ से जारी की गई नकली बैंक गारंटी जमा करके स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (एसबीआई) को 250 किलोग्राम सोना जारी करने के लिए धोखे से उकसाने का आरोप था।
ईडी की जांच में पता चला कि जब धोखाधड़ी सार्वजनिक हो गई, तो संजय अग्रवाल और उनके भाइयों, अजय कुमार और विनय कुमार ने हैदराबाद के एबिड्स में अपनी दुकान से गिरवी रखा सारा सोने का स्टॉक निकाल लिया और उसे स्थानीय बाजार में नकद में बेच दिया। संजय अग्रवाल ने दिसंबर 2012 में जुर्म की कमाई को अपनी पत्नी के नाम से खोली गई एक नई फर्म में निवेश किया। बाद में, उन्होंने अपने भाइयों और एक कर्मचारी के नाम पर तीन और फर्म खोलीं। उनके परिवार के सदस्यों और उनके नियंत्रण वाली फर्मों के कई बैंक खातों में बिना किसी वजह के काफी नकदी जमा पाया गया।
इसके अलावा जांच में पता चला कि संजय अग्रवाल ने 'श्रीकांत गुप्ता' नाम से नकली पहचान से पासपोर्ट बनवाया था, कई बार विदेश यात्रा की,और अपने गैर-कानूनी पैसे को बढ़ाने के लिए कई बैंक खाते खोले। अवैध कमाई से उनके एक कर्मचारी अविनाश सोनी के नाम पर खरीदी गई एक बेनामी सम्पति का भी पता चला।
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