नयी दिल्ली , अप्रैल 09 -- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कृष्ण दमानी, उनके परिवार के सदस्यों और उनके नियंत्रण वाली संस्थाओं की 18.50 करोड़ रुपये की चल संपत्ति कुर्क की है। यह संपत्ति म्यूचुअल फंड और शेयरों के रूप में है।
ईडी के कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय ने गुरुवार को बताया कि यह कार्रवाई 'साउथ पॉइंट एजुकेशन सोसाइटी' (एसपीईएस) को विभिन्न सेवाएं प्रदान करने के बहाने धन की कथित हेराफेरी से संबंधित है।
ईडी ने कोलकाता पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी के आधार पर इस मामले की जांच शुरू की थी। जांच में पता चला कि सोसाइटी को सेवाएं देने के नाम पर 20 करोड़ रुपये से अधिक की राशि कृष्ण दमानी और उनके परिवार के स्वामित्व वाली संस्थाओं को भेजी गई थी।
पीएमएलए के तहत जांच में पाया गया कि एसपीईएस के ट्रस्टी कृष्ण दमानी ने अन्य सदस्यों को दरकिनार कर ट्रस्ट के बोर्ड पर नियंत्रण कर लिया था। सत्ता हासिल करने के बाद, उन्होंने कथित तौर पर अपने पद का दुरुपयोग किया और स्कूल के बड़े फंड को अपनी निजी कंपनियों में स्थानांतरित किया। इस तरह परोपकार के कार्यों के लिए जमा किए गए धन का उपयोग व्यक्तिगत लाभ के लिए किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि इन भुगतानों के लिए फर्जी वाउचर, फर्जी चालान और कर्मचारियों के फर्जी रिकॉर्ड तैयार किए गए थे। इनमें उन कर्मचारियों के वेतन भी शामिल थे जो अस्तित्व में ही नहीं थे, साथ ही सोसाइटी के खातों से उनके निजी कर्मचारियों को भी वेतन दिया जा रहा था।
ईडी के अनुसार, कृष्ण दमानी ने स्थानांतरित किए गए धन को अपने परिवार के सदस्यों और संस्थाओं के बीच बढ़े हुए वेतन, निदेशकों के पारिश्रमिक और कमीशन के रूप में वितरित किया। बाद में इस धन को उनके और उनके परिवार के नाम पर म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय साधनों में निवेश कर दिया गया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित