कोलकाता , दिसंबर 23 -- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आम निवेशकों के साथ 2800 करोड़ रुपये से ज़्यादा की कथित धोखाधड़ी के जरिये जुटाए धन को ठिकाने लगाने के मामले की जांच में प्रयाग कंपनी समूह और उसके निदेशकों की 110 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां कुर्क की हैं। आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

धन शोधन निवारक कानून के उल्लंघनों की जांच करने वाली एजेंसी ईडी ने केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक जांच के आधार पर अपने हाथ में लिया है। सीबीआई ने प्रयाग समूह और उसके निदेशकों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की के बाद कोलकाता की विशेष सीबीआई अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किया है। सीबीआई ने यह आरोप-पत्र भारतीय दंड संहिता , 1860 की विभिन्न धाराओं और इनामी चिट और धन परिचालन स्कीम (पाबन्दी) अधिनियम, 1978 के तहत दायर किया है। ईडी इस मामले में अपराध की कमाई को ठिकाने लगाने के पहलू की जांच शुरू की थी।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि ईडी की जांच से पता चला कि प्रयाग समूह ने मुख्य रूप से अपनी दो कंपनियों- प्रयाग इंफोटेक हाई-राइज लिमिटेड और प्रयाग इंफोटेक नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड के ज़रिये भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) या सेबी की विधिवत मंज़ूरी के बिना ही जमा और धन परिचालन योजनाओं का परिचालन कर के उनमें ज़्यादा लाभ का लालच देकर कुल 38,71,674 जमाकर्ताओं से 2,863 करोड़ रुपये की रकम गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा की।

ईडी के सूत्रों ने बताया कि 31 मार्च, 2016 तक समूह की कंपनियों पर जमाकर्ताओं का 1,906 करोड़ रुपये का बकाया बना हुआ था जिसका भुगतान किया जाना था। इसमें ब्याज की राशि शामिल नहीं है। ईडी ने कहा कि जनता से इकट्ठा किए गए पैसे का इस्तेमाल किसी भी सही व्यापारिक गतिविधि के लिए नहीं किया गया।

आरोप है कि समूह ने एक पोंजी- योजना चलाई, जिसमें नए निवेशकों से मिले पैसे का इस्तेमाल दूसरे निवेशक का पैसा चुकाने के लिए किया गया। इसके साथ ही निवेशकों से जुटाए गए पैसे का एक बड़ा हिस्सा ज़मीन, होटल, फ़िल्म सिटी प्रोजेक्ट, कंपनियों के अधिग्रहण , एजेंटों को कमीशन देने, विज्ञापन, सेलिब्रिटी प्रमोशन और प्रमोटरों और उनके परिवार के सदस्यों को निजी कमाई कराने के लिए इस्तेमाल किया गया।

ईडी की जांच में पता चला कि प्रयाग समूह के निदेशक और प्रवर्तक बसुदेब बागची, अविक बागची और स्वप्ना बागची ने पैसे निकालकर अपने नाम पर अचल सम्पत्तियां खरीदीं तथा बिना चर्चा के खुद को शेयर आवंटित कर और धन को संबंधित कंपनियों में भेजे।

सूत्रों ने बताया कि ईडी ने कुल 110 करोड़ रुपये की कीमत की अचल सम्पतियों की अस्थायी कुर्की की है। इनमें प्रयाग समूह की कंपनियों के नाम की 104 करोड़ रुपये की कीमत की 450.42 एकड़ ज़मीन और निर्माण किये गये ढांचे शामिल हैं। ये सम्पत्तियां पश्चिम बंगाल, बिहार और असम तक फैली हैं। ईडी ने प्रयाग समूह के निदेशक बसुदेब बागची, अविक बागची और स्वप्ना बागची के नाम की छह करोड़ रुपये की अचल सम्पतियां भी कुर्क की हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित