नयी दिल्ली , मार्च 16 -- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ में कथित चिकित्सा उपकरण और रीजेंट खरीद घोटाले के संबंध में 80.36 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति कुर्क की है।

ईडी के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने सोमवार को बताया कि एजेंसी ने रायपुर के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा मोक्षित कॉरपोरेशन और छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (सीजीएमएससीएल) तथा स्वास्थ्य सेवा निदेशालय (डीएचएस) के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी और आरोप पत्र के आधार पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच शुरू की थी।

ईडी के एक अधिकारी ने कहा, "मोक्षित कॉरपोरेशन के पार्टनर शशांक चोपड़ा ने डीएचएस और सीजीएमएससीएल के अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर निविदा प्रक्रिया में हेरफेर किया, फर्जी मांग पैदा की और सीजीएमएससीएल को बढ़ी हुई कीमतों पर चिकित्सा उपकरण की आपूर्ति की, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ। उसने इस गतिविधि से खुद तथा अपने सहयोगियों को अवैध लाभ पहुँचाया।"जांच में पता चला है कि सरकारी अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर निविदा प्रक्रिया में हेरफेर करके सीजीएमएससीएल को अत्यधिक कीमतों पर चिकित्सा उपकरणों और रीजेंट की खरीद और आपूर्ति के माध्यम से अपराध की आय उत्पन्न की गई थी।

ईडी ने आरोप लगाया कि चोपड़ा ने अपने सहयोगियों की मदद से कई संस्थाएं और फर्म बनाकर तथा प्रशिक्षण और रखरखाव सेवाएं प्रदान करने के नाम पर ऐसी संस्थाओं के साथ फर्जी सेवा समझौते करके अपराध की आय को छिपाने का प्रयास किया। इसके बाद, अपराध से कमाई गयी नकदी का उपयोग कथित तौर पर रिश्वत देने और संपत्ति के अधिग्रहण के लिए किया गया। ईडी ने 13 मार्च, 2026 को लगभग 80.36 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियाँ कुर्क कीं।

कुर्क की गई संपत्तियों में छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र राज्यों में स्थित आवासीय भूखंड, कारखाने और फ्लैट शामिल हैं। ये संपत्तियाँ अभियुक्तों और उनसे जुड़ी संस्थाओं के नाम पर हैं और माना जाता है कि इन्हें अपराध की आय से अर्जित किया गया है।

इससे पहले, पीएमएलए, 2002 की धारा 17 के तहत आरोपियों और उनके सहयोगियों से जुड़े कई स्थानों पर तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की गई थी। इन अभियानों के दौरान 43 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त या फ्रीज की गई थी, जिसमें पोर्श, मर्सिडीज और मिनी कूपर जैसे लक्जरी वाहन शामिल थे।

चोपड़ा को 14 जनवरी को पीएमएलए की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया था। इस अंतरिम कुर्की के साथ, मामले में कुर्क, जब्त या फ्रीज की गई संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग 123 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।

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