अहमदाबाद , फरवरी 19 -- गुजरात के भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआईआई), अहमदाबाद ने एचएसबीसी के सहयोग से गुरूवार को अपने परिसर में हैंड मेड इन इंडिया पहल के तहत एक भव्य हेन्डलूम कार्यक्रम आयोजित किया।
एचएसबीसी आईबीयू के सीईओ एवं प्रमुख आशीष त्रिपाठी ने इस अवसर पर कहा, "हम ईडीआईआई के साथ इस महत्वपूर्ण परियोजना में जुड़कर बेहद प्रसन्न हैं। यह पहल हेन्डलूम क्षेत्र की बिखरी और असंगठित व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है, ताकि इसकी मूल क्षमताओं को निखारा जा सके और उनका सही उपयोग हो सके। हमें यह देखकर खुशी है कि कारीगरों ने बेहतर कार्य पद्धतियाँ सीखी हैं और अपने व्यवसाय को प्रोफिट मेकिंग एवं विकासोन्मुख उद्यम के रूम में विकसित करना शुरू किया है।"महानिदेशक डॉ. सुनील शुक्ला ने इस पहल पर अपनी बात रखते हुए कहा, "हम उद्यमिता विकास पद्धतियों के माध्यम से कारीगरों की आजीविका को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हैंड मेड इन इंडिया परियोजना के माध्यम से हम देशभर के हेन्डलूम समुदायों के साथ मिलकर उनके कौशल को निखारने, टिकाऊ कार्य पद्दति को अपनाने और बेहतर बाजार अवसर उपलब्ध कराने पर काम कर रहे हैं। आज का फैशन शो इन्हीं प्रयासों की झलक पेश करेगा एवं पारंपरिक हेन्डलूम किस तरह आधुनिक जीवनशैली के साथ कदम मिला सकता है और साथ ही कारीगरों की स्थायी आजीविका को भी सहारा दे सकता है। अब समय आ गया है कि भुज और इरोड के हमारे कारीगरों की बेहतरीन कला को देशभर के लोग पहचानें और उसकी सराहना करें।"डॉ. रमन गुजराल, परियोजना निदेशक, हैंडमेड इन इंडिया और निदेशक, सीएसआर साझेदारी विभाग ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, "भारत का हेन्डलूम केवल कपड़ा बनाने तक सीमित नहीं है यह हमारी परंपरा, हमारी पहचान और लाखों कारीगर परिवारों की आजीविका से जुड़ा हुआ है। साथ ही हम यह भी जानते हैं कि आज का बाजार तेजी से बदल रहा है और गुणवत्ता, एकरूपता तथा पहचान के प्रति लोगों की अपेक्षाएँ पहले से कहीं अधिक बढ़ गई हैं। हैंड मेड इन इंडिया परियोजना ने इन सभी पहलुओं पर ध्यान दिया है और बाजार, उत्पाद तथा कारीगरों के बीच की दूरी को कम करने का काम किया है।"इस पहल का उद्देश्य कारीगर समुदायों की स्थायी आजीविका को बढ़ावा देना, पारंपरिक ज्ञान को सहेजकर रखना और उन्हें बाजार से बेहतर तरीके से जोड़ना है। साथ ही, इसका उद्देश्य आज की अर्थव्यवस्था में हेन्डलूम की अहम भूमिका को और स्पष्ट करना भी है।
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