ईटानगर , दिसंबर 09 -- अरुणाचल प्रदेश में सक्रिय अरुणाचल प्रदेश इंडिजिनस यूथ ऑर्गनाइजेशन (एपीआईवाईओ), इंडिजिनस यूथ फोर्स ऑफ अरुणाचल (आईवाईएफए) और ऑल नाहरलागुन यूथ ऑर्गनाइजेशन (एएनवाईओ) के संयुक्त तौर पर आयोजित 12 घंटे के बंद के कारण मंगलवार को ईटानगर राजधानी क्षेत्र में सामान्य जनजीवन ठप रहा।

यह बंद संगठनों के मांगपत्र को पूरा करने के लिए सुबह 5 बजे से शाम 5 बजे तक रखा गया। युवाओं के ये संगठन अन्य मांगों के अलावा, राजधानी क्षेत्र के भीतर अवैध रूप से निर्मित मस्जिदों और मदरसों को ध्वस्त करने, अवैध बांग्लादेशी अप्रवासियों को वापस भेजने, दो मौजूदा मस्जिदों को कानूनी मान्यता देने और दोइमुख एवं होलोंगी जैसे पड़ोसी क्षेत्रों एवं राजधानी क्षेत्र में साप्ताहिक बाजारों पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं।

गौरतलब है कि सोमवार को, जिला मजिस्ट्रेट टोको बाबू ने एक आदेश जारी कर 12 घंटे के राजधानी बंद को अवैध और गैरकानूनी घोषित कर दिया था। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएससी) की धारा 163, अरुणाचल प्रदेश गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 2014 के साथ पढ़े गए इस निर्देश में कहा गया है कि बंद से जनता - विशेष रूप से दिहाड़ी मजदूरों, मरीजों और व्यापारियों - को गंभीर कठिनाई होती है, और इससे संभावित कानून-व्यवस्था की चुनौतियाँ भी पैदा होती हैं।

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