श्रीनगर , दिसंबर 29 -- जम्मू-कश्मीर अपराध शाखा की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने 2025 में गंभीर और जटिल आर्थिक अपराधों से जुड़ी 100 प्राथमिकियों का निपटारा करते हुए 1,270 शिकायतों का समाधान किया। इसके अलावा अपराध शाखा ने 290 मामलों की जांच भी पूरी की।
इस लिहाज से यह वर्ष उसके लिए अत्यधिक कामयाब और प्रभावशाली साबित हुआ। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी उपलब्ध कराई।
ईओडब्ल्यू कश्मीर ने कहा कि उसने कश्मीर घाटी में आर्थिक अपराधों की एक विस्तृत श्रृंखला के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करके एक अत्यधिक कामयाब और प्रभावशाली वर्ष अपने नाम दर्ज किया है। ईओडब्ल्यू कश्मीर ने पारदर्शिता, कानून के शासन और जवाबदेही के तहत सख्ती से काम करते हुए धोखाधड़ी, जालसाजी और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े जटिल मामलों से निपटने का काम किया। इस साल ईओडब्ल्यू कश्मीर ने गंभीर और जटिल आर्थिक अपराधों से जुड़ी 100 प्राथमिकियों का सफलतापूर्वक निपटारा करके असाधारण जांच क्षमता का प्रदर्शन किया।
ईओडब्लयू ने कहा, "इन मामलों में गहन जांच, दस्तावेजी और डिजिटल सबूतों का विस्तृत विश्लेषण और विभिन्न सरकारी विभागों, बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ निरंतर समन्वय की आवश्यकता थी। इन प्राथमिकियों का समय पर निस्तारण शाखा के अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।" शाखा ने पंजीकृत मामलों के अलावा सार्वजनिक शिकायतों के निवारण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस साल जनता और सरकारी एजेंसियों से मिली कुल 1,270 शिकायतों की गहन जांच की गई और उनका समाधान किया गया। प्रत्येक शिकायत का तथ्यात्मक और कानूनी आधार पर मूल्यांकन किया गया। ईओडब्लयू ने कहा, "जहां भी आवश्यक था, उचित कानूनी कार्रवाई शुरू की गई, जबकि अन्य मामलों को कानूनी मार्गदर्शन के माध्यम से हल किया गया, जिससे पारदर्शिता, निष्पक्षता और समय पर राहत सुनिश्चित हुई।"अधिकारियों ने कहा कि एहतियाति सतर्कता एक प्रमुख फोकस क्षेत्र बना रहा। इस साल तथ्यों को शुरुआती चरण में सत्यापित करने, गंभीर अपराधों की पहचान करने और विवादों को बढ़ने से रोकने के लिए 290 प्रारंभिक और विविध जांचें की गईं। कानूनी स्पष्टीकरण के माध्यम से जांच चरण में ही कई मुद्दों को प्रभावी ढंग से हल किया गया, जिससे अनावश्यक मुकदमेबाजी कम हुई और मूल्यवान सार्वजनिक संसाधनों की बचत हुई।
ईओडब्ल्यू ने कहा कि जो मामले सामने आये उनमें बड़ी संख्या नौकरी से संबंधित धोखाधड़ी के मामलों की थी। इनमें सरकारी नौकरी और विदेशों में नौकरी दिलाने के झूठे वादे शामिल थे, जो अक्सर बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाते थे। शाखा ने घाटी में काम कर रही अवैध नौकरी परामर्श सेवाओं पर विशेष ध्यान देते हुए कई भूमि धोखाधड़ी, अन्य मामलों, धोखाधड़ी की घटनाओं और दस्तावेजों की जालसाजी की भी जांच की।
जांच एजेंसी ने राजस्व और सर्विस रिकॉर्ड में धोखाधड़ी से की गई एंट्री से जुड़े कई मामलों को देखा, जिसमें सरकारी योजनाओं के तहत गलत फायदा उठाने के लिए नकली और जाली प्रमाण-पत्र का इस्तेमाल भी शामिल था। इस शाखा ने सरकारी कर्मचारियों द्वारा सरकारी धन के गबन और आपराधिक विश्वासघात के गंभीर मामलों की भी जांच की, जिससे सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का पता चला।
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