कोलकाता , मार्च 11 -- ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध के कारण उत्पन्न ईंधन आपूर्ति संबंधी चिंताओं के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को तेल कंपनियों एवं रसोई गैस वितरकों के साथ आपात बैठक की और राज्य में रसोई गैस तथा ईंधन की उपलब्धता की समीक्षा की।

सुश्री बनर्जी ने बैठक के बाद कहा कि राज्य सरकार ने किसी भी संभावित संकट को रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं और लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा, "वितरकों के साथ चर्चा के बाद हमने कुछ कदम उठाए हैं। जो जानकारी हमें मिली है उसके अनुसार पेट्रोलियम ईंधन को लेकर फिलहाल कोई बड़ी समस्या नहीं है, मुख्य समस्या रसोई गैस को लेकर है। हमने अनुरोध किया है कि राज्य में मौजूद गैस को फिलहाल बाहर न भेजा जाए। स्थिति सामान्य होने पर आपूर्ति फिर से शुरू की जा सकती है।"मुख्यमंत्री ने कहा कि आपूर्ति प्रबंधन के लिए वितरकों के साथ परामर्श करके एक मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि वितरकों ने आश्वासन दिया है कि स्वास्थ्य क्षेत्र, मध्याह्न भोजन योजना और समेकित बाल विकास सेवा केन्द्रों जैसी आवश्यक सेवाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बैठक रचनात्मक रही और लोगों को अनावश्यक रूप से घबराने की जरूरत नहीं है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि वह गुरुवार को जिला प्रशासन के साथ आभासी बैठक कर स्थिति की आगे समीक्षा करेंगी।

यह घटनाक्रम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि में सामने आया है, जहां ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। संघर्ष जारी रहने के कारण इसका प्रभाव कई देशों में विशेष रूप से वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर पड़ रहा है। एक प्रमुख चिंता अरब क्षेत्र से आने वाली तेल आपूर्ति में संभावित बाधा को लेकर है, जिसका बड़ा हिस्सा विश्व के महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। संघर्ष के कारण इस समुद्री मार्ग पर असर पड़ने से पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति शृंखला प्रभावित हुई है, जिससे दुनिया के कई हिस्सों में ईंधन की कमी की आशंका पैदा हो गयी है।

स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने तत्काल कदम उठाते हुए हालात का आकलन करने और समस्या को बढ़ने से रोकने के लिए बैठक बुलाई। मुख्यमंत्री ने पहले गुरुवार को प्रस्तावित बैठक को आगे बढ़ाकर बुधवार दोपहर आयोजित किया।

बैठक अलीपुर स्थित सौजन्य सभागार में हुई, जिसमें मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक पियूष पांडे, खाद्य विभाग के सचिव और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने तीन प्रमुख तेल कंपनियों और गैस वितरकों से राज्य में रसोई गैस सिलेंडर तथा पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी।

सुश्री बनर्जी ने उपभोक्ताओं की उन शिकायतों का भी उल्लेख किया जिनमें गैस एजेंसियों से संपर्क नहीं हो पाने के कारण सिलेंडर की बुकिंग नहीं हो पा रही थी। उन्होंने कहा, "लोगों ने शिकायत की है कि जब वे एजेंसियों को फोन करते हैं तो कोई जवाब नहीं देता और वे सिलेंडर की बुकिंग नहीं कर पा रहे हैं।"वितरकों ने बताया कि सर्वर से जुड़ी तकनीकी समस्या के कारण अस्थायी रूप से संपर्क व्यवस्था प्रभावित हुई थी और तकनीकी समस्या दूर होते ही बुकिंग सेवाएं सामान्य हो जाएंगी।

अधिकारियों ने बताया कि दुर्गापुर और उसके आसपास रसोई गैस भराई संयंत्र स्थित हैं, जहां से सिलेंडर भरकर पश्चिम बंगाल के अलावा पड़ोसी राज्यों में भी भेजे जाते हैं।

मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया है कि स्थिति सामान्य होने तक इन संयंत्रों से होने वाली आपूर्ति को प्राथमिकता के आधार पर राज्य के लिए सुनिश्चित किया जाए। अंतरराष्ट्रीय संकट के बीच राज्य सरकार आने वाले दिनों में ईंधन की उपलब्धता पर लगातार नजर बनाए रखेगी।

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