लखनऊ , जनवरी 29 -- उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. रविन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि ईंट भट्ठों की स्थापना के लिये स्थल मानक नियमावली-2012 में प्रस्तावित प्रथम संशोधन से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही आम जनता को निर्माण कार्यों के लिए पर्याप्त मात्रा में सस्ती ईंटें उपलब्ध हो सकेंगी।

ईंट भट्ठों की स्थापना को लेकर कैबिनेट द्वारा पास नियमावली के बारे में गुरुवार को जानकारी देते हुए डॉ. रविन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि वर्ष 2012 में पहली बार पर्यावरण विभाग द्वारा ईंट भट्ठों की स्थापना के लिए स्थान संबंधी मानक तय किए गए थे। इसके बाद भारत सरकार द्वारा वर्ष 2022 में नई नियमावली लागू की गई, जिसके तहत राज्य सरकार को दूरी संबंधी मानकों को और कठोर करने की अनुमति है, किंतु उन्हें कम नहीं किया जा सकता।

उन्होंने बताया कि प्रस्तावित संशोधन के तहत 2022 की नियमावली के अनुसार आबादी से ईंट भट्ठों की दूरी 800 मीटर के स्थान पर एक किलोमीटर की जाएगी, जबकि भट्ठों के बीच की न्यूनतम दूरी भी 800 मीटर के बजाय एक किलोमीटर निर्धारित होगी। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ नियोजित विकास को बढ़ावा मिलेगा।

डॉ. सिंह ने बताया कि वर्ष 2012 से पहले स्थापित लगभग 4000 ईंट भट्ठे यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति न होने के कारण अब तक वैध नहीं माने जा रहे थे। प्रस्तावित संशोधन लागू होने के बाद यदि ऐसे भट्ठे ग्राम पंचायत, वाणिज्य कर, खनन विभाग अथवा अन्य संबंधित विभागों की अनुमति/अनापत्ति प्रस्तुत करते हैं और यह सिद्ध कर देते हैं कि वे 2012 से पूर्व स्थापित हैं, तो उन्हें वैध माना जा सकेगा।

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