तेहरान , फरवरी 09 -- ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच सोमवार को ईरानियों से अनुरोध किया कि वे 1979 की इस्लामी क्रांति की 47वीं सालगिरह से पहले एकता दिखाएं और "दुश्मन को निराश करें।"श्री खामेनेई ने एक टेलीविज़न संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय शक्ति मिसाइलों और विमानों जैसे सैन्य हार्डवेयर के बजाय "दृढ़ संकल्प और प्रतिरोध" पर ज़्यादा निर्भर करती है। उनकी यह टिप्पणी तब आई है जब ईरान क्रांति की जीत का जश्न मनाने के लिए बुधवार को देशव्यापी रैलियों की तैयारी कर रहा है।

श्री खामेनेई ने कहा, "जब तक दुश्मन निराश नहीं होता, एक राष्ट्र उत्पीड़न के संपर्क में रहता है। दुश्मन को निराश होना ही चाहिए।"उन्होंने कहा कि यह वार्षिक मार्च को गरिमा का प्रदर्शन है जो विदेशी शक्तियों को ईरानी मामलों में हस्तक्षेप करने की महत्वाकांक्षाओं से "पीछे हटने" के लिए मजबूर करता है। यह भाषण अमेरिका के साथ बढ़े हुए तनाव की अवधि के बाद आया है। अमेरिका ने पश्चिमी एशिया में अपने युद्धपोत तैनात किये हैं, जबकि ईरान ने भी चुनिंदा परीक्षणों से अपनी सैन्य शक्तियों का प्रदर्शन किया है।

ओमान के मस्कट में शुक्रवार को ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडलों के बीच अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता के बावजूद दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण अंतर बने हुए हैं, जिससे एक समझौते की संभावना अनिश्चित बनी हुई है।

श्री खामेनेई ने उम्मीद जतायी कि इस साल की सालगिरह "अन्य राष्ट्रों, सरकारों और शक्तियों को ईरानी लोगों के प्रति विनम्रता और सम्मान दिखाने" के लिए मजबूर करेगी।

सन् 1979 की इस्लामी क्रांति एक महत्वपूर्ण क्षण था जिसने ईरान को पश्चिमी समर्थक राजशाही से एक इस्लामी गणराज्य में बदल दिया। अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी के नेतृत्व में मौलवियों, छात्रों और धर्मनिरपेक्ष कार्यकर्ताओं के एक विविध गठबंधन ने शाह मोहम्मद रज़ा पहलवी के शासन को उखाड़ फेंका था। इस तख्तापलट के दौरान तेहरान में अमेरिकी दूतावास पर ईरानी लोगों ने कब्ज़ा कर लिया था, जिसके बाद अमेरिका ने ईरान से राजनयिक संबंध तोड़ दिए थे।

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