बेंगलुरु , दिसंबर 20 -- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अंतरिक्ष यात्रियों की पृथ्वी पर वापसी के दौरान उपयोग की जाने वाली एक प्रमुख सुरक्षा प्रणाली का सफल परीक्षण करके भारत के पहले मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन, गगनयान की दिशा में एक और कदम उठाया है।
इसरो की ओर से शनिवार को जारी बयान में बताया गया कि इसरो ने गुरुवार और शुक्रवार को चंडीगढ़ में एक उच्च गति परीक्षण सुविधा में विशेष पैराशूट (जिन्हें ड्रग पैराशूट के रूप में जाना जाता है) पर परीक्षणों की एक श्रृंखला आयोजित की। इन पैराशूटों को गगनयान क्रू मॉड्यूल को धीमा करने और स्थिर करने के लिए डिज़ाइन किया गया है क्योंकि यह पृथ्वी के वायुमंडल में फिर से प्रवेश करता है।
इसरो के मुताबिक जब क्रू मॉड्यूल अंतरिक्ष से लौटता है, तो वह बेहद तेज़ गति से यात्रा करता है। सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करने के लिए पैराशूट का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल किया जाता है। सबसे पहले, छोटे पैराशूट इसके डिब्बे के सुरक्षात्मक आवरण को हटा देते हैं। इसके बाद दो ड्रग पैराशूट की तैनाती की जाती है, जो कैप्सूल को स्थिर करते हैं और उसकी गति को कम करते हैं। इसके बाद, मॉड्यूल को और धीमा करने के लिए बड़े पैराशूट छोड़े जाते हैं, जिससे यह सुरक्षित रूप से उतर सके।
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