इटावा , फरवरी 25 -- उत्तर प्रदेश के इटावा स्थित सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के स्थापना दिवस समारोह के बाद स्थानीय राजनीति में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश सरकार के चिकित्सा शिक्षा मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के संबोधन और समारोह की व्यवस्थाओं को लेकर समाजवादी खेमे ने गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों, चिकित्सा सेवाओं और विस्तार योजनाओं पर चर्चा की गई। अपने संबोधन के दौरान उपमुख्यमंत्री ने इटावा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कवि गोपालदास नीरज तथा इटावा से तीन बार सांसद रहे अर्जुन सिंह भदौरिया का नाम लिया।
हालांकि, समाजवादी पार्टी के संस्थापक एवं पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का नाम संबोधन में शामिल न होने को लेकर आपत्ति जताई गई है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव एवं इटावा के पूर्व जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने कहा कि नेताजी केवल एक राजनीतिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि सैफई की पहचान और विश्वविद्यालय की स्थापना के प्रेरणास्रोत रहे हैं।
गोपाल यादव ने कहा कि नेताजी देश के रक्षा मंत्री और तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। उन्हें मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया जा चुका है। देश का शायद ही कोई बड़ा नेता होगा जो नेताजी का नाम सम्मान के साथ न लेता हो। ऐसे में उनके गृह क्षेत्र में आयोजित स्थापना दिवस समारोह में उनका उल्लेख न होना गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
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