इटावा , दिसंबर 31 -- एशियाई शेरों के सबसे बड़े आशियाने के रूप में देश दुनिया में लोकप्रिय उत्तर प्रदेश की इटावा सरकारी पार्क में साल 2026 में टाइगर सफारी का निर्माण किया जाएगा। सफारी पार्क के निदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने यूनीवार्ता को बताया कि सफारी में बेहतर तरीके से वन्यजीवों की देखभाल की जा रही है। टाइगर सफारी खोले जाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए स्थान का चयन भी कर लिया गया है। इसके साथ ही लायन सफारी में अब 21 हेक्टेयर में शेरों को घुमाने की व्यवस्था की जा रही है।
श्री पटेल ने बताया कि इटावा सफारी पार्क में अभी पर्यटकों की संख्या पर्याप्त नहीं है। अब पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए सफारी का आकर्षण बढ़ाने की कवायद की जा रही है। इसके लिए यहां टाइगर सफारी बनाई जाएगी। संभावना है कि 2026 में टाइगर सफारी बनेगी फिर यहां टीले पर छंलागे लगाते हुए टाइगर भी दिखाई देंगे। सफारी में एक ओर शेर दहाड़ेंगे तो दूसरी ओर टाइगर उछलकूद करेंगे। इस प्राकृतिक माहौल का दीदार करने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक भी पहुंचेंगे, तो पर्यटकों की कमी का संकट दूर हो जाएगा।
अभी इटावा के आसपास के क्षेत्र में कहीं भी टाइगर सफारी नहीं है टाइगर के दीदार करने के लिए पीलीभीत और दुधवा जाना पड़ता है । अब इटावा में जो टाइगर सफारी बनेगी उसमें टाइगरों को प्राकृतिक माहौल में उछल कूद करते हुए देखा जा सकेगा। इससे सफारी का आकर्षण बढ़ेगा और तब निश्चित रूप से यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या भी बढ़ जाएगी। पिछले साल 2025 में इटावा सफारी में टाइगर सफारी खोले जाने का प्रस्ताव बनाया गया था और इसे सफारी की उच्च स्तरीय कमेटी में रखा गया। उसके बाद देहरादून की संस्था को निरीक्षण करके फिजीविलटी रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। इसके टीम के जल्द ही इटावा सफारी पहुंचने की संभावना है। इस बीच सफारी प्रबंधन ने सफारी में टाइगर सफारी बनाए जाने के लिए स्थान का चयन भी कर लिया गया है । यह स्थान सड़क से दूरी पर वॉच टावर के पास रखा गया है, जिसमें टाइगर सफारी बनाई जाएगी, हालांकि 2016 में भी टाइगर सफारी बनाए जाने की चर्चा हुई थी। तब यह प्रयास किया गया था कि इटावा सफारी में टाइगर भी लाए जाएं लेकिन उसके बाद यह मामला आगे नहीं बढ़ सका।
साल 2025 में टाइगर सफारी के प्रस्ताव पर फिर से रखा गया और इसको अमली जामा पहने जाने की कवायद भी शुरू कर दी गई है। सफारी प्रबंधन का मानना है कि टाइगर सफारी बन जाने के बाद निश्चित रूप से यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा। इस समय स्थिति यह है कि औसतन 1000 के आसपास पर्यटक प्रतिदिन आते हैं लेकिन टाइगर सफारी बन जाने से रोजाना सौ से दो सौ पर्यटक बढ़ जाने की भी पूरी संभावना है। शुरुआती दौर में लगभग 20 हेक्टेयर का स्थान टाइगर सफारी के लिए रखा गया है, जिसमें टाइगरों रखा जाएगा । फिलहाल तो सफारी पार्क में इस बात का इंतजार किया जा रहा है कि देहरादून से विशेषज्ञों की टीम आकर टाइगर सफारी के स्थान को देख ले और उसकी फिजिबिलटी रिपोर्ट आ जाए। इसके बाद टाइगर सफारी के निर्माण का काम का शुरू किया जाएगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित