इटावा , अप्रैल 03 -- एशियाई शेरों के सबसे बड़े आशियाने के रूप में देश दुनिया में लोकप्रिय उत्तर प्रदेश ने इटावा सफारी पार्क में जन्मे शावक शेर सिंबा सुल्तान के लिए "दुल्हन" की तलाश करने में सफारी प्रबंधन जोर शोर से जुटा हुआ है।
इटावा सफारी पार्क के निदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने शुक्रवार को यूनीवार्ता को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शेर सिंबा सुल्तान के लिए दुल्हन के लिए अधिकारी देश के विभिन्न सफारी, जू आदि के अधिकारियों से संपर्क स्थापित करने में जुटे हुए हैं। उम्मीद की जा रही है कि बहुत ही जल्दी सिंबा सुल्तान के लिए शेरनी दुल्हन की तलाश पूरी हो जाएगी।
श्री पटेल ने बताया कि इटावा सफारी पार्क में बब्बर शेर मनन और जेसिका की पहली संगमन से अक्टूबर 2016 में जन्में दो बब्बर शेर सिंबा और सुल्तान अब नौ साल के हो गए है। इन बब्बर शेरों के लिए उपयुक्त शेरनी लाने के प्रयास निरन्तर किए जा रहे है। इसके लिए सफारी पार्क प्रबंधन ने शक्करबाग प्राणि उद्यान गुजरात, राजगीर प्राणि उद्यान सफारी और रोहतक प्राणि उद्यान से शेरनी को लाने हेतु संपर्क किया जा रहा है। इसी क्रम में राजगीर प्राणि उद्यान के वन्य जीव चिकित्सक ने मार्च के अंतिम सप्ताह में इटावा सफारी पार्क का भ्रमण भी किया गया।
उन्होंने बताया कि उन्होंने (डॉ. कुमार) और वन्य जीव चिकित्सक डॉ रोबिन यादव ने गुरुवार को हरियाणा में रोहतक प्राणि उद्यान का भ्रमण किया गया। वन्यजीव विनिमय के अन्तर्गत रोहतक प्राणि उद्यान से एक शेरनी सुधा को इटावा सफारी पार्क में एवं उसके बदले इटावा सफारी से विश्व लायन दिवस 2022 को जन्मे नर बब्बर शेर विश्वा को रोहतक प्राणि उद्यान भेजे जाने पर सहमति बन रही है।
शेरनी सुधा रोहतक जू में पूर्व में दो बार माँ बन चुकी है। शेरनी सुधा को इटावा सफारी पार्क में लाने से पहले उसके सैंपल आईवीआरआई, बरेली एवं एनसीबीएस बेंगलुरु भेजे जायेंगे, ताकि उसके स्वास्थ्य का समुचित परीक्षण हो सके। नयी दिल्ली स्थित केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से अनुमति प्राप्त होने के बाद होने के उपरान्त ही इसको सफारी में लाया जायेगा। राजगीर प्राणि उद्यान से भी एक अर्ध वयस्क नर शेर का लाये जाने जाने की योजना है। गुजरात के शक्करबाग जू से भी शेरनी लाये जाने के वास्ते निरन्तर पत्राचार किये जा रहे हैं।
उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही वयस्क बब्बर शेर सिंबा और सुल्तान के लिए बहु प्रतीक्षित शेरनी मिल सकेगी तथा इटावा सफारी पार्क में बब्बर शेरों की ब्लडलाइन में कुछ बदलाव संभव हो सकेगा।
नौ साल की उम्र पूरी कर चुके सिंबा और सुल्तान नामक शेरो का कुनबा अभी बढ़ नहीं सका है। इसलिए दोनों के लिए बेहतरीन किस्म की दो शेरनियों को तलाशा जा रहा है। इटावा सफारी पार्क को मानव निर्मित एशिया का पहला पार्क माना जाता है।
पांच अक्तूबर 2016 को इटावा सफारी पार्क में जन्मे दोनों शेरो का नामकरण उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव ने सिंबा और सुल्तान के रूप में 11 दिसंबर 2016 को किया था। श्री यादव ने एक शावक को सुल्तान का नाम दिया है जबकि उनकी पत्नी ने एक शावक को शिम्बा नाम दिया । इसके बाद दोनो शेरो को सफारी में इसी नाम से पुकारा जाने लगा था।
इटावा सफारी पार्क के दो कुवारे शेर शिंबा ओर सुल्तान के लिए जंगल में पैदा हुई शेरनियों की तलाश जोर-जोर से चल रही है ताकि दोनों के पंजे पीले कराए जा सके। दोनों चार साल की उम्र में ब्रीडिंग के लायक बन चुके थे लेकिन सिंबा और सुल्तान को कुनबा बढ़ाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा है। सबसे बड़ी बात यह है कि इटावा सरकारी पार्क में जो जवान शेनरिया है,वह इन दोनों शेरों की रिश्ते में बहन लगती है, इसलिए सफारी प्रबंधन दोनों दोनों शेरों के जीन में बदलाव के इरादे से ऐसी शेरनियों को लेकर आना चाहते हैं कि जो जंगल में पैदा हुई हो।
इटावा सफारी पार्क के निदेशक ने बताया कि उन्हें ऐसी शेरनियों को लाने की अनुमति दी जाए, जिनका जन्म ब्रीडिंग सेंटर या फिर किसी चिड़ियाघर में ना हुआ हो। उनका मानना है कि जंगल में पैदा हुई शेरनियों के साथ इटावा सफारी पार्क में पैदा हुए शेर प्रजनन से जो शावक पैदा होगे, उनका जीन बाकी शेरों से अलग होगा । सिंबा और सुल्तान इटावा सफारी पार्क की पहली पीढ़ी के शेर है। इटावा में पहली पीढ़ी के नौ शेर जन्मे थे,जिसमें दो बच नहीं पाए हैं । सफारी में शेरों के आपस में ही प्रजनन से बीमारियों का खतरा रहता है, इसलिए प्रबंधन चाहता है की सिंबा और सुल्तान के लिए बाहर से शेरनियां लाई जाए। पांच अक्तूबर 2025 को शिंबा सुल्तान नाम के दोनों शेर नौ साल की अपनी उम्र पूरी कर चुके हैं।
चंबल के बीहड़ों में इटावा सफारी पार्क की स्थापना साल 2012 में श्री यादव के नेतृत्व में बनी समाजवादी सरकार में किया गया था। असल में इटावा सफारी पार्क की स्थापना का खाका नेता जी मुलायम सिंह यादव ने अपने मुख्यमंत्री का काल 2003 से 2007 के मध्य किया था, जिसको अमली जामा पहना जाता उससे पहले उनकी सरकार चली गई तो यह प्रोजेक्ट भी ठंडे बस्ते में चला गया ।
वर्ष 2012 में श्री यादव की अगुवाई में समाजवादी सरकार इस परियोजना पर जोर-शोर से काम शुरू किया गया। नतीजा यह हुआ है कि इटावा सफारी पार्क देश दुनिया में एशियाई शेरो के सबसे बड़े आशियाने के रूप में पहचाना जाने लगा है।
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