इटावा , जनवरी 30 -- उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में फिशर वन क्षेत्र स्थित शमसुद्दीन की मजार के प्रकरण में जिला प्रशासन ने 2 फरवरी को प्रस्तावित उर्स आयोजन की अनुमति देने से इंकार कर दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भूमि संबंधी प्रकरण के निस्तारण तक किसी भी प्रकार के आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार मजार की देखरेख करने वाले फतेह इलाही को वन विभाग की ओर से भूमि संबंधी अभिलेख 22 जनवरी तक प्रस्तुत करने का नोटिस दिया गया था। निर्धारित अवधि बीत जाने के बावजूद दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। इस बीच उर्स आयोजन की अनुमति के लिए नगर मजिस्ट्रेट को प्रार्थना पत्र दिया गया था, जिस पर पुलिस, वन विभाग एवं खुफिया विभाग से संयुक्त आख्या मांगी गई।
वन विभाग ने मजार तक जाने वाले मार्ग पर पांच स्थानों पर कटान कर आवागमन सीमित कर दिया है तथा क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। इसके बावजूद कुछ लोग अकीदत के लिए पहुंचते देखे गए। स्थानीय स्तर पर उर्स निरस्त होने से मायूसी का माहौल बताया जा रहा है।
जिला वन अधिकारी विकास नायक ने बताया कि नोटिस के जवाब की प्रतीक्षा की जा रही है। जवाब प्राप्त होने के बाद विधिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने कहा है कि संरक्षित वन क्षेत्र में किसी भी अवैध निर्माण या आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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