लखनऊ/इटावा , जनवरी 14 -- उत्तर प्रदेश पुलिस और मेटा कंपनी (फेसबुक-इंस्टाग्राम) के बीच 2022 से लागू व्यवस्था के तहत आत्महत्या से जुड़ी पोस्ट की सूचना मिलते ही पुलिस त्वरित कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में मेटा के अलर्ट पर पुलिस मुख्यालय लखनऊ के निर्देश के बाद इटावा पुलिस ने मात्र पांच मिनट के भीतर मौके पर पहुंचकर एक 19 वर्षीय छात्रा की जान बचाने में सफलता हासिल की है।
उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति फेसबुक या इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से संबंधित पोस्ट करता है तो मेटा कंपनी ई-मेल और फोन के जरिए यूपी पुलिस को अलर्ट भेजती है। 1 जनवरी 2023 से 10 जनवरी 2026 के बीच आत्महत्या संबंधी पोस्ट पर मिले अलर्ट के आधार पर यूपी पुलिस द्वारा 1855 लोगों की जान बचाई जा चुकी है।
पुलिस के अनुसार, 13 जनवरी को जनपद इटावा के थाना ऊसराहार क्षेत्र की रहने वाली लगभग 19 वर्षीय छात्रा ने छत के पंखे पर दुपट्टा बांधकर फंदा बनाया और इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया। वीडियो के साथ छात्रा ने लिखा "कभी इसकी जान हुआ करते थे, आज मेरी शक्ल से नफरत।"इस पोस्ट को लेकर मेटा कंपनी की तरफ से मंगलवार दोपहर 1:39 बजे पुलिस महानिदेशक मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया सेंटर को ई-मेल के माध्यम से अलर्ट भेजा गया। अलर्ट का तत्काल संज्ञान लेते हुए पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। सोशल मीडिया सेंटर ने अलर्ट में उपलब्ध मोबाइल नंबर के आधार पर छात्रा की लोकेशन प्राप्त कर जनपद इटावा पुलिस को तत्काल सूचना भेजी।
सूचना मिलते ही थाना ऊसराहार के थानाध्यक्ष, उपनिरीक्षक, पुलिस कर्मी और महिला आरक्षी सहित टीम 5 मिनट के अंदर छात्रा के घर पहुंच गई। पुलिस ने परिजनों को पोस्ट की जानकारी देकर तत्काल छात्रा के कमरे की ओर पहुंचकर दरवाजा खुलवाया। भीतर देखा गया कि छात्रा फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास कर रही थी। पुलिसकर्मियों ने तुरंत फंदा हटाकर छात्रा को सुरक्षित नीचे उतारा और परिजनों की मदद से प्राथमिक उपचार दिया।
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