मोगादिशु , दिसंबर 28 -- बीस से अधिक मुस्लिम बहुल देशों के विदेश मंत्रियों ने रविवार को एक संयुक्त बयान जारी कर इजरायल के सोमालीलैंड को दी गई मान्यता को खारिज कर दिया।

इजरायल ने 26 दिसंबर को सोमालीलैंड को मान्यता देने की घोषणा की थी।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि यह मान्यता राष्ट्रों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने वाले अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन करती है।

गौरतलब है कि इजरायल 'रिपब्लिक ऑफ सोमालीलैंड' को एक स्वतंत्र और संप्रभु राज्य के रूप में औपचारिक मान्यता देने वाला पहला देश बन गया है। इजरायली बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, विदेश मंत्री गिदोन सार और सोमालीलैंड के राष्ट्रपति ने आपसी मान्यता के संयुक्त घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।

इजरायल की घोषणा के खिलाफ हस्ताक्षर करने वाले देशों में जॉर्डन, मिस्र, सऊदी अरब, ईरान, तुर्की, पाकिस्तान और इस्लामी सहयोग संगठन शामिल हैं। मंत्रियों ने कहा कि इस तरह के अभूतपूर्व कदम से 'हॉर्न ऑफ अफ्रीका' इलाके और लाल सागर में शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

बयान में चेतावनी दी गई है कि राज्यों के हिस्सों को मान्यता देना एक गंभीर मिसाल कायम करता है और अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए खतरा है।

मिस्र के विदेश मंत्रालय ने कहा कि विदेश मंत्री बद्र अब्देलाती ने सोमालिया, तुर्की और जिबूती के अपने समकक्षों के साथ फोन पर बात की और इजराइल की घोषणा के बाद पैदा हुए खतरनाक घटनाक्रमों पर चर्चा की। अफ्रीकी संघ भी सोमालीलैंड को दी गई किसी भी मान्यता को खारिज कर चुका है और उसने सोमालिया की एकता के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराई।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित