पटना , अप्रैल 18 -- इंदिरा गांधी ह्रदय रोग संस्थान में मरीजों के त्वरित उपचार के लिए तीसरा कैथलैब का निर्माण किया जा रहा है। अस्पताल के लोक सूचना अधिकारी डॉ. अमिताभ ने बताया कि अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए तीसरा कैथलैब का निर्माण करने की योजना बनायी जा रही है। उन्होंने बताया कि फिलहाल कैथलैब के निर्माण के लिए बीएमएसआइसीएल ने प्रक्रिया चालू कर दी है। उम्मीद है कि इसी साल जून-जुलाई महीने से यह सुविधा शुरू कर दी जायेगी।
डॉ. अमिताभ ने बताया कि पिछले एक साल में एक लाख मरीजों ने ओपीडी में एवं लगभग 14600 मरीजों ने इमरजेंसी में ह्रदय का उपचार करवाया है। अस्पताल में इलाज के लिए बिहार के अलावा अन्य राज्य के भी मरीज आते हैं।
गौरतलब है कि अस्पताल में पहले से दो एडवांस कैथलैब मौजूद है,जिससे ह्रदय रोगी मरीजों का उपचार किया जाता है। अस्पताल के निदेशक डॉ. सुनील कुमार के नेतृत्व में बाल ह्रदय योजना की सुविधा एवं मुख्यमंत्री राहत कोष आयुष्मान भारत योजना से मरीजों का बेहतर इलाज किया जा रहा है।
मरीजों के लिए इस अस्पताल में आसानी से आयुष्मान भारत योजना की सुविधा प्रदान की जा रही है, जिसकी मोनिटरिंग निदेशक एवं आयुष्मान भारत के नोडल पदाधिकारी डा.अमिताभ लगातार कर रहे हैं। 280 बेड वाले इस अस्पताल में सीटी एनजीओ की व्यवस्था भी है, जिससे दिल में छेद, कार्डिक अरेस्ट की शिकायत, हार्ट अटैक एवं अन्य ह्रदय संबंधित बीमारियों का बेहतर इलाज किया जा सके।
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