जयपुर , जनवरी 31 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि राज्य का पत्थर उद्योग निरंतर प्रगति कर रहा है और सरकार इसे राष्ट्रीयएवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार एवं विकास के अवसर उपलब्ध कराने के लिए कार्य योजना बनाकर काम कर रही है तथा आगामी इंडिया स्टोनमार्ट का आयोजन प्रदेश की स्टोन इंडस्ट्री को गति देने में अहम कड़ी साबित होगा।

श्री शर्मा ने शनिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित बैठक में इंडिया स्टोनमार्ट-2026 (13वां संस्करण) की तैयारियों के संबंध में अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि 13वां इंडिया स्टोनमार्ट-2026 न केवल राजस्थान बल्कि देश के स्टोन उद्योग के लिए एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच है, जिसके माध्यम से राज्य की प्राकृतिक संपदा, तकनीकी क्षमता और उद्यमशीलता को वैश्विक पहचान मिलती है।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय विक्रेताओं को राजस्थान के पत्थर उद्योग की समृद्धता की पूरी जानकारी दी जाए। साथ ही उन्होंने स्टोनमार्ट में घरेलू एवं प्रवासी प्रतिभागिता को बढ़ाने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने स्टेट व कंट्री पेवेलियन की तैयारियों को समय से पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने स्टोनमार्ट में आयोजित होने वाले जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल के जरिए प्रदेश के स्टोन व्यवसाय को वैश्विक पटल पर नयी पहचान दिलाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि बायर-सेलर मीट का आयोजन कार्य योजना के अनुसार किया जाये, जिससे प्रदेश के पत्थर उद्योग को निर्यात के नये अवसर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने शिल्पग्राम आयोजन से संबंधित जानकारी भी ली।

उल्लेखनीय है कि फरवरी के प्रथम सप्ताह में आयोजित होेने वाले इंडिया स्टोनमार्ट-2026 में देश-विदेश के मार्बल, ग्रेनाइट, सेंड स्टोन, कोटा स्टोन, स्लेट सहित विभिन्न स्टोन्स का प्रदर्शन होगा। साथ ही, स्टोन मशीनरी, उपकरण एवं भारी अर्थमूविंग मशीनों का प्रदर्शन किया जाएगा।

इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय अखिल अरोड़ा, रीको एवं सीडीओएस के अधिकारी सहित लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधि मौजूद थे।

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