नयी दिल्ली, फरवरी 17 -- टाटा समूह ने सबके हित को ध्यान में रखकर और टेक्नोलॉजी से चलने वाली वृद्धि को लेकर प्रतिबद्धता मज़बूत करते हुए, टाटा ग्रुप ने राजधानी में चल रहे इंडिया आई इम्पैक्ट समिट 2026 में टाटा एआई सखी इमर्शन प्रोग्राम का आयोजन किया।
राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित इस टाटा एआई सखी इमर्शन कार्यक्रम में दिखाया गया कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ग्रामीण भारत की महिला कारीगरों और एंटरप्रेन्योर्स के बीच एंटरप्रेन्योरशिप और सेल्फ-एम्पावरमेंट के लिए एक प्रैक्टिकल, आसान टूल हो सकता है।
इस कार्यक्रम को एक विषय केंद्रित, निरंतर जुड़े एआई समाधान के प्रभाव पर कार्यशाला के तौर पर डिज़ाइन किया गया।
इसे सीआईआई की अलायंस फॉर ग्लोबल गुड, जेंडर इक्विटी एंड इक्वालिटी की प्रमुख स्मृति ईरानी और टाटा समूह की कंपनी टीसीएस की सीओओ एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर आरती सुब्रमण्यम मौजूदगी में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में झारखंड, बिहार, ओडिशा, राजस्थान, गुजरात और दिल्ली एनसीआर समेत छह राज्यों की 1,553 महिलाओं ने हिस्सा लिया। उनको तीन समूहों - कारीगर, डिजिटली लिटरेट (बेसिक), और डिजिटली लिटरेट (एडवांस्ड)में बांटा गया था । हर ग्रुप में कारीगर, ज़मीनी स्तर के एंटरप्रेन्योर, सेल्फ़-हेल्प ग्रुप लीडर और अलग-अलग ग्रामीण बैकग्राउंड से कम्युनिटी फ़ैसिलिटेटर शामिल थे।
यह पहल एक कुछ देखरेख मॉडल पर आधारित थी, जिसमें हर पाँच प्रतिभागी को एक मेंटर सहायता करता था ताकि पूरे काम के दौरान व्यक्तिगत रूप से मार्गदर्शन मिल सके और समस्या का तत्काल समाधान पक्का हो सके।
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