नयी दिल्ली , फरवरी 03 -- इंडिगो संकट के बीच दिसंबर 2025 में देश में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या 4.14 प्रतिशत घटकर 1.43 करोड़ रह गयी।

पिछले साल दिसंबर में यह संख्या 1.49 करोड़ थी।

पूरे कैलेंडर वर्ष के दौरान हवाई यात्रियों की संख्या 16.69 करोड़ रही जो साल 2024 के मुकाबले 3.48 प्रतिशत अधिक है।

नागर विमानन महानिदेशालय द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर के पहले सप्ताह में हजारों की संख्या में उड़ानें रद्द करने के बावजूद इंडिगो इंडिगो की बाजार हिस्सेदारी दिसंबर में 59.6 प्रतिशत रही और 85.23 लाख यात्रियों ने उसकी उड़ानों में सफर किया। एयर इंडिया समूह (एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस) 29.6 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रही। अकासा एयर 5.2 प्रतिशत से साथ तीसरे और स्पाइस जेट 4.3 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रही।

इंडिगो संकट का सबसे अधिक फायदा एयर इंडिया को मिला जिसकी बाजार हिस्सेदार 2.9 प्रतिशत बढ़ी। अकासा और स्पाइसजेट को भी फायदा हुआ। इसका मुख्य कारण एयर इंडिया की क्षमता रहा जो अकासा और स्पाइसजेट की तुलना में काफी अधिक है।

दिसंबर में कुल 6.92 प्रतिशत घरेलू उड़ानें रद्द हुईं। इसमें इंडिगो की 9.65 प्रतिशत उड़ानें रद्द रहीं। इसमें पहले सप्ताह में हुए संकट के अलावा दिसंबर में कई हवाई अड्डों पर भारी कोहरे का भी योगदान रहा। एलायंस एयर की भी 4.94 प्रतिशत और एयर इंडिया समूह की 3.28 प्रतिशत उड़ानें रद्द हुईं। रद्द उड़ानों में 63.9 प्रतिशत के लिए विमान सेवा कंपनियों ने परिचालन संबंधी कारण बताये हैं।

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