पटना , मार्च 21 -- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राज्य सचिव रामनरेश पाण्डेय ने प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में दो रुपये प्रति लीटर से ज्यादा और इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में 22 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी की निंदा करते हुये शनिवार को कहा कि इससे आम जरूरत के सामानों की महंगाई बढ़ेगी।

भाकपा राज्य सचिव ने आज बयान जारी कर कहा कि सरकार का दावा है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। यह बात गुमराह करने वाली है। इंडस्ट्रियल डीजल की कीमत में 22 रुपये की बढ़ोतरी से इनपुट लागत और मैन्युफैक्चरिंग खर्च बढ़ जाएगा, जिससे जरूरी चीजों की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी होगी। महंगाई हर घर पर असर डालेगी और आम लोगों पर इसका बोझ बढ़ेगा। उन्होंने केन्द्र सरकार से बढ़ी हुई कीमतें तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की है।

श्री पाण्डेय ने कहा कि आम ईंधन की कीमतें अभी इसलिए नहीं बढ़ाई जा रही हैं, क्योंकि आने वाले समय में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। चुनावों के बाद, यह बोझ भी लोगों पर ही डाल दिया जाएगा, ठीक वैसे ही जैसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एलपीजी के मामले में किया था। उन्होंने कहा कि भारतीय बाजार में यह स्थिति मोदी सरकार की कमजोर तैयारी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जब दुनिया भर में तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए गंभीर योजना बनाने की जरूरत थी, तब प्रधानमंत्री इजरायल में अपनी फोटो खिंचवाने में व्यस्त थे। आज देश भर में उपभोक्ता इस नाकाम विदेश नीति और इन बेमतलब के दिखावे की कीमत चुका रहे हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित