पटना , जनवरी 31 -- दो फरवरी से शुरू होने वाली इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा को आदर्श और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने राज्य के सभी 38 जिलों में चार- चार मॉडल परीक्षा केंद्र स्थापित किये हैं और पूरे राज्य में कुल 152 मॉडल परीक्षा केंद्र बनाये गये हैं।

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने परीक्षा के दौरान जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को केंद्रों का नियमित भ्रमण और कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने, शून्य सहनशीलता नीति का सख्ती से पालन कराने और गड़बड़ी करने वालों पर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं। साथ ही केंद्राधीक्षक को छोड़कर किसी को भी मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं होगी और परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले केंद्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जायेगा।

इस वर्ष इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा में कुल 13,17,846 परीक्षार्थी शामिल होंगे, जिनमें 6,75,844 छात्रायें और 6,42,002 छात्र हैं। पटना जिले में 73,963 परीक्षार्थियों के लिये 84 परीक्षा केंद्र बनाये गये हैं।

राज्य के सभी मॉडल परीक्षा केंद्रों पर केवल छात्रायें परीक्षा देंगी और इन केंद्रों पर प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी, वीक्षक और सभी सुरक्षाकर्मी महिलायें होंगी। इन केंद्रों को फूलों, गुब्बारों, कारपेटिंग और हेल्पडेस्क से सुसज्जित किया गया है। पटना जिले में चार मॉडल परीक्षा केंद्र राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय बांकीपुर, शास्त्रीनगर, कमला नेहरू बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय यारपुर और राजकीय बालिका उच्च विद्यालय गर्दनीबाग निर्धारित किये गये हैं।

इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा के पहले दिन सोमवार को प्रथम पाली (सुबह 9:30 से 12:45 बजे तक) में जीव विज्ञान और दर्शनशास्त्र विषयों की परीक्षा होगी, जिसमें 5,02,317 परीक्षार्थी शामिल होंगे। वहीं द्वितीय पाली (दोपहर 2:00 से 5:15 बजे तक) में कला और वाणिज्य संकाय के विद्यार्थियों के लिये अर्थशास्त्र विषय की परीक्षा आयोजित की जायेगी, जिसमें 55,964 परीक्षार्थियों ने ऑनलाइन फॉर्म भरा है।

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