बारां , फरवरी 16 -- राजस्थान में बारां में आशा सहयोगिनी कर्मचारी संघ ने जिलाध्यक्ष इन्द्रा कुमारी सुमन के नेतृत्व में श्रम कानून के अनुसार कुशल श्रमिक न्यूनतम मानदेय 816 रूपए प्रतिदिन करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री, चिकित्सा मंत्री के नाम ज्ञापन दिया।
इससे पहले आशा सहयोगिनियां कोटा रोड से रैली के रूप में जिला कलेक्ट्रेट पहुंची थी। मुख्य द्वार पर आक्रोशित आशाओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
संगठन की जिला महामंत्री ममता तलेटिया ने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधीन राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के तहत आंगनबाडी पाठशालाओं पर सत्र 2007-08 से अनवरत कार्यरत आशा सहयोगिनियों ने अपनी विभिन्न मांगे रखी, जिसमें आशा सहयोगिनियों को नियमित राज्य कर्मचारी दर्जा देकर अन्य सरकारी कर्मचारियों की भांति संपूर्ण परिलाभ दिलाने, आशा सहयोगिनियों को श्रम कानून के अनुसार कुशल श्रमिक न्यूनतम मानदेय 816 रूपए प्रतिदिन की दर से देने, आशा सहयोगिनियों के मासिक मानदेय में प्रतिवर्ष कम से कम 35 प्रतिशत की बढोत्तरी करने सहित अन्य मांगें हैं।
अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के जिलाध्यक्ष रामप्रसाद नागर, महामंत्री भूपेंद्र माथोडिया, पशु चिकित्सा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष लाखन मीणा ने बताया कि तीन दशकों के सफर में मासिक मानदेय 500 रूपए प्रति महीने से शुरूआत करके वर्तमान में मासिक मानदेय 4959 प्रति महीने पाने वाली आशा सहयोगिनियों के मासिक मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि वृद्धि सहित विभिन्न मांगों को पूरा किया जाए।
जिलाध्यक्ष इन्द्रा कुमारी सुमन एवं महामंत्री ममता तलेटिया ने चेतावनी दी है कि इस बजट सत्र में राज्य सरकार द्वारा मानदेय वृद्धि सहित विभिन्न मांगों को नहीं माना गया तो जिले की आशा सहयोगिनियां कार्य बहिष्कार करके अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेगीं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित