धार , दिसंबर 11 -- मध्यप्रदेश में धार जिले की आशा कार्यकर्ता, उषा कार्यकर्ता और आशा पर्यवेक्षक गुरुवार को बड़ी संख्या में रैली निकालकर विधायक कार्यालय पहुंचे और सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल को अपनी छह सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि प्रदेश सरकार ने 29 जुलाई 2023 को भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित महापंचायत में आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में प्रति वर्ष एक हजार रुपये की वृद्धि की घोषणा की थी, जो अब तक लागू नहीं हुई है।

संगठन ने यह भी उल्लेख किया कि अप्रैल 2025 से भुगतान टुकड़ों में किया जा रहा है, जिसे एकमुश्त जारी करने की मांग रखी गई है। इसके अलावा आशा, उषा और आशा पर्यवेक्षकों को संविदा कर्मचारी का दर्जा देने, आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय 6 हजार रुपए से बढ़ाकर 12 हजार रुपए किए जाने, सभी को लैपटॉप उपलब्ध कराने, आशा पर्यवेक्षकों का मानदेय 15 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपए करने, सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपए एकमुश्त प्रदान करने तथा कार्य के दौरान दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में 5 लाख रुपए मुआवजा देने की मांगें भी ज्ञापन में शामिल हैं। संगठन ने विधायक से इन मुद्दों को विधानसभा में उठाने की अपील की। मौके पर जिलाध्यक्ष संगीता शंकरलाल मारू सहित बड़ी संख्या में आशा, उषा कार्यकर्ता और आशा पर्यवेक्षक मौजूद रहीं।

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