छत्रपति संभाजी नगर , मार्च 11 -- महाराष्ट्र में आवारा कुत्तों के हमले में गंभीर रूप से घायल चार वर्षीय बच्ची गहन चिकित्सा उपचार के बाद पूरी तरह स्वस्थ हो गयी है।
चिकित्सकों के अनुसार, 11 दिनों तक अस्पताल में चले इलाज के बाद बच्ची के शरीर पर मौजूद पचास से अधिक घाव भर गये हैं। अंततः उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी और वह मुस्कुराते हुए अपने घर लौटी, जिससे उसके परिवार में खुशी और राहत की लहर है।
घायल बच्ची की पहचान नारीगांव निवासी आयशा सैयद के रूप में हुई है। यह घटना 28 फरवरी को रमजान के पवित्र महीने के दौरान तड़के लगभग तीन बजे उसका परिवार सेहरी के लिए उठा था। उस समय आयशा अपने घर के दरवाजे के पास खड़ी थी, तभी अचानक पांच से छह आवारा कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। कुत्तों ने मासूम को बुरी तरह झिंझोड़कर रख दिया। कुछ ही पल में इससे उसके पूरे शरीर पर 50 से अधिक गहरे जख्म हो गये। परिवार उसे तुरंत घाटी अस्पताल ले गया, जहां चिकित्सकों ने बाल चिकित्सा गहन चिकित्सा इकाई में उसका आपातकालीन उपचार शुरू किया।
संक्रमण और रेबीज के खतरे को रोकने के लिए चिकित्सकों ने बच्ची के प्रत्येक घाव पर एंटी-रेबीज सीरम और एंटी-रेबीज वैक्सीन का प्रयोग किया। इसके साथ ही, उसकी स्थिति को स्थिर करने और आगे की जटिलताओं से बचने के लिए उसे सलाइन, एंटीबायोटिक्स और अन्य आवश्यक उपचार दिये गये। निरंतर उपचार और सावधानीपूर्वक निगरानी से आयशा की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हुआ और उसके घाव भरने लगे। ग्यारह दिनों के उपचार के बाद, मंगलवार को डॉक्टरों ने उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी।
चिकित्सकों ने परिवार को सलाह दी है कि वे आगे के टीकाकरण और नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए बाल रोग बाह्य रोगी विभाग में फॉलो-अप विज़िट जारी रखें। आयशा की घर वापसी का क्षण परिवार के लिए बेहद भावुक था। उसकी दादी नसीम सैयद मुख्तार ने कहा कि घाटी अस्पताल के डॉक्टरों ने बच्ची को 'नया जीवन' दिया है।
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