त्रिशूर , फरवरी 15 -- भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने बैन कैपिटल से संबद्ध कंपनियों को मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड में संयुक्त नियंत्रण तथा चुकता इक्विटी पूंजी और परिवर्तनीय साधनों में 41.66 प्रतिशत तक हिस्सेदारी अधिग्रहण की अंतिम मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी कंपनी की रणनीतिक विकास योजनाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।
आरबीआई द्वारा 13 फरवरी, 2026 को दी गयी मंजूरी 20 मार्च, 2025 को किए गए निश्चित समझौतों से संबंधित है। इसके तहत बैन कैपिटल लगभग 4,385 करोड़ रुपये का निवेश करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस निवेश के अंतर्गत 236 रुपये प्रति शेयर की दर से इक्विटी शेयरों और वारंट के तरजीही आवंटन के माध्यम से पूर्ण रूप से कमजोर किये गये मूल्य के आधार पर 18 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया जाएगा। इसके अलावा, सेबी (शेयरों के पर्याप्त अधिग्रहण एवं टेकओवर) विनियम, 2011 के तहत सार्वजनिक शेयरधारकों से 236 रुपये प्रति शेयर की दर से अतिरिक्त 26 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए अनिवार्य खुला प्रस्ताव भी जारी किया जाएगा।
खुले प्रस्ताव में प्राप्त सदस्यता के स्तर के आधार पर, बैन कैपिटल की कुल हिस्सेदारी पूर्ण रूप से कमजोर किये गये शेयर के आधार पर 18 प्रतिशत से 41.7 प्रतिशत के बीच रहेगी, जिसमें वारंट के उपयोग पर जारी होने वाले शेयर भी शामिल होंगे। निवेश के बाद मौजूदा प्रवर्तकों की हिस्सेदारी 28.9 प्रतिशत रहेगी।
आरबीआई की मंजूरी के बाद बैन कैपिटल को प्रवर्तक के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा और वह मौजूदा प्रवर्तकों के साथ मिलकर कंपनी का संयुक्त नियंत्रण संभालेगा। लेन-देन समझौतों के अनुरूप निदेशक मंडल का पुनर्गठन किया जाएगा और उसमें बैन कैपिटल के नामित निदेशक शामिल होंगे।
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