नयी दिल्ली , फरवरी 24 -- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की सर्वोच्च निर्णायक इकाई 'अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा' की तीन दिवसीय वार्षिक बैठक 13, 14 और 15 मार्च को हरियाणा के समालखा में आयोजित की जाएगी।

संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने यह जानकारी दी। बैठक का आयोजन ग्राम विकास एवं सेवा साधना केंद्र, पट्टीकल्याणा, समालखा (हरियाणा) में किया जाएगा।

संघ की परंपरा के अनुसार यह प्रतिनिधि सभा संगठन की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाली इकाई मानी जाती है। प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली इस बैठक में संघ के कार्यों की समीक्षा, भविष्य की कार्ययोजना और महत्वपूर्ण विषयों पर प्रस्ताव पारित किए जाते हैं।

संघ के अनुसार यह वर्ष शताब्दी वर्ष होने के कारण विशेष महत्व रखता है। शताब्दी निमित्त आयोजित विजयादशमी उत्सव, गृहसंपर्क अभियान, हिंदू सम्मेलन, युवा सम्मेलन, प्रमुख नागरिक गोष्ठी और सामाजिक सद्भाव बैठकों सहित विभिन्न कार्यक्रमों और अभियानों के अनुभवों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही वर्ष 2025-26 के संघ कार्य की समीक्षा तथा विभिन्न प्रांतों में हुए विशेष कार्यों का विवरण भी प्रस्तुत किया जाएगा।

बैठक में वर्तमान राष्ट्रीय परिदृश्य पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है। साथ ही कुछ महत्वपूर्ण विषयों पर प्रस्ताव भी पारित किए जा सकते हैं। संघ शाखाओं द्वारा अपेक्षित सामाजिक परिवर्तन के कार्यों तथा विशेष रूप से 'पंच परिवर्तन' के प्रयासों पर भी विचार-विमर्श होगा। इसके अतिरिक्त संघ शिक्षा वर्ग, कार्यकर्ता विकास वर्ग और अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आगामी योजनाओं पर मंथन कर अगले वर्ष की कार्ययोजना तय की जाएगी।

बैठक में संघ के शीर्ष नेतृत्व की उपस्थिति रहेगी। सरसंघचालक मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित सभी सह सरकार्यवाह, पदाधिकारी और कार्यकारिणी सदस्य इसमें शामिल होंगे।

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