, March 7 -- नयी दिल्ली, 07 मार्च (मार्च) राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत आयोजित एनएचसीएक्स हैकाथॉन के विजेताओं की घोषणा की। विजेता टीमों ने छह-सात मार्च को आईआईटी हैदराबाद में आयोजित एनएचसीएक्स इनोवेशन मीट में अपने समाधान प्रस्तुत किए, जहां उन्हें सम्मानित भी किया गया।
22 से 28 फरवरी 2026 तक आयोजित नेशनल हेल्थ क्लेम एक्सचेंज हैकाथॉन का उद्देश्य नवाचार को बढ़ावा देना था। यह प्लेटफॉर्म एबीडीएम के तीन प्रमुख डिजिटल गेटवे में से एक है, जिसे देशभर में स्वास्थ्य बीमा दावों (क्लेम) की प्रक्रिया को सरल और मानकीकृत बनाने के लिए विकसित किया गया है। यह अस्पतालों, बीमा कंपनियों और मरीजों के बीच दावों से जुड़े डेटा के निर्बाध आदान-प्रदान के लिए एक एकीकृत डिजिटल ढांचा उपलब्ध कराता है।
हैकाथॉन का आयोजन कई साझेदार संस्थाओं के सहयोग से किया गया, जिसमें बीमा नियामक संस्था (इरडा), इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड (ईएचआर) के मानकों को लागू करने में तकनीकी सहायता देने वाली (एनआरसीईएस), सामान्य बीमा परिषद (जीआईसी), गूगल, बीमा सूचना ब्यूरो (आईआईबी), अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएच), इंडिया इंश्योरटेक एसोसिएशन (आईआईए) और हेल्थकेयर फेडरेशन ऑफ इंडिया (एनएटीहेल्थकेयर) शामिल रहे।
हैकाथॉन में प्रतिभागियों को स्वास्थ्य बीमा क्लेम प्रक्रिया से जुड़े परिचालन और अंतर-संचालनीयता से संबंधित प्रमुख चुनौतियों के समाधान विकसित करने के लिए आमंत्रित किया गया था। वहीं आइडियाथॉन ट्रैक में प्रतिभागियों ने एनएचसीएक्स की क्षमताओं का उपयोग करते हुए ऐसे व्यावसायिक उपयोग-मामले विकसित किए, जिनका उद्देश्य स्वास्थ्य बीमा दावों के दुरुपयोग की पहचान, प्रबंधन और क्लेम प्रोसेसिंग के समय व लागत को कम करना था। इन समाधानों में स्वास्थ्य बीमा पारिस्थितिकी तंत्र में दक्षता, पारदर्शिता और इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाने पर जोर दिया गया।
हैकाथॉन में स्वास्थ्य-तकनीक स्टार्टअप, इंश्योरटेक कंपनियां, बीमा कंपनियां, टीपीए, अस्पताल, पीएम-जय से जुड़े अस्पताल, एचएमआईएस विक्रेता, शैक्षणिक संस्थान, डेवलपर्स और छात्र सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कुल पांच समस्या-वक्तव्यों पर 112 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं, जिनका मूल्यांकन स्वतंत्र विशेषज्ञ जूरी द्वारा किया गया।
एनएचसीएक्स नवाचार समारोह के उद्घाटन सत्र में सुनील कुमार बर्नवाल (सीईओ, एनएचए), सौरभ गौर (सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग, आंध्र प्रदेश सरकार), गिरधर ज्ञानी (महानिदेशक, एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स - इंडिया) और प्रो. जी. नरहरी शास्त्री (डीन, आईआईटी हैदराबाद) सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर एनएचए के सीईओ डॉ. सुनील कुमार बरनवाल ने कहा कि भारत के स्वास्थ्य बीमा तंत्र में क्लेम प्रोसेसिंग एक जटिल चुनौती रही है और एनएचसीएक्स के मानकीकरण और अंतरसंचालन के माध्यम से सरल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि एनएचसीएक्स का दीर्घकालिक लक्ष्य इसे भारत के डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना मॉडल की तरह विकसित करना है, जैसा कि यूपीआई ने डिजिटल भुगतान क्षेत्र में किया है।
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