नयी दिल्ली , मार्च 11 -- आयुर्वेद अनुसंधान को बढ़ावा देने के केंद्रीय आयुर्वेद विज्ञान अनुसंधान परिषद (सीसीआरएएस) के आयुर्वेद केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (सीएआरआई), जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) और एयू तिब्बिया कॉलेज एवं अस्पताल के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता हुआ है।

यह त्रिपक्षीय समझौता यहां छह मार्च को जेएनयू में किया गया। इसके तहत तीनों संस्थान मिलकर एक शोध परियोजना पर काम करेंगे, जिसमें स्वस्थ वयस्कों पर वमन प्रक्रिया (सीजनल एमिसिस) के प्रभावों का अध्ययन किया जाएगा। इस शोध में यह देखा जाएगा कि इस प्रक्रिया का शरीर के मेटाबोलिक (चयापचय), इंफ्लेमेटरी (सूजन संबंधी) और स्वास्थ्य, ऊर्जा के स्तर और बीमारी के जोखिम का आकलन करने वाले महत्वपूर्ण और माइक्रोबायो मार्कर्स पर क्या असर पड़ता है।

इस अध्ययन का उद्देश्य आयुर्वेदिक उपचार पद्धतियों को वैज्ञानिक तरीके से समझना और उनके स्वास्थ्य लाभों के प्रमाण जुटाना है।

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