वाराणसी , फरवरी 1 -- केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश किया। धार्मिक नगरी काशी (वाराणसी) में व्यापारियों, अधिवक्ताओं, बैंक अधिकारियों और अन्य लोगों की बजट पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं।
पंजाब नेशनल बैंक के असिस्टेंट जनरल मैनेजर राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि यह बजट काफी संतुलित है। उन्होंने कहा, "यह भारत को सशक्त बनाने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करने वाला सकारात्मक बजट है। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर विशेष फोकस है। जॉब सीकर (नौकरी मांगने वाले) के कॉन्सेप्ट को बदलने की कोशिश की गई है। अब देश के युवा जॉब देने वाले (जॉब क्रिएटर) बनें, न कि सिर्फ मांगने वाले। एमएसएमई सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का फंड रखा गया है। काशी के लिए रेल कॉरिडोर और शिपयार्ड की घोषणा की गई है, जहां जहाजों की मरम्मत होगी। इससे नई इंडस्ट्री विकसित होगी।"चार्टर्ड अकाउंटेंट मुदित अग्रवाल ने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए ज्यादा कुछ नहीं आया है, जबकि सर्विस सेक्टर को कुछ राहत मिली है। उन्होंने 10 हजार गाइड बनाने की योजना को कारगर बताया और कहा कि इससे नए रोजगार सृजित होंगे। इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
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