नयी दिल्ली , मार्च 23 -- दिल्ली पुलिस ने पिछले महीने आबकारी विभाग के एक कांस्टेबल और उनके ड्राइवर को बंदूक की नोक पर अगवा करने और धमकाने के आरोप में अवैध शराब आपूर्ति गिरोह के दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि कथित मास्टरमाइंड को भारत-नेपाल सीमा पर तब पकड़ा गया, जब वह देश छोड़कर भागने की कोशिश कर रहा था। अधिकारी के अनुसार, आरोपियों की पहचान रोहतक निवासी राहुल नैन और हरियाणा के झज्जर निवासी विनोद कुमार के रूप में हुई है।

उत्तर-पश्चिमी दिल्ली की पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) आकांक्षा यादव ने कहा, "कुमार एक आदतन अपराधी है और पहले भी पांच आपराधिक मामलों में शामिल पाया गया है।"यह घटना 23 फरवरी की तड़के हुई जब दिल्ली आबकारी विभाग के कांस्टेबल नरेश शर्मा और उनके ड्राइवर राहुल अग्रवाल ऑटो मॉल के पास अवैध शराब की आपूर्ति के बारे में खुफिया जानकारी जुटा रहे थे।

डीसीपी ने कहा, "हथियारबंद लोगों का एक समूह दोनों के पास पहुंचा और उनसे पूछताछ करने लगा। पहचान पता चलने पर हमलावर आक्रामक हो गए और कथित तौर पर लाठियों से पीटकर उन्हें घायल कर दिया, जिसके बाद उन्हें उनकी ही कार में अगवा कर लिया गया।" पीड़ितों को हरियाणा के बहालगढ़ ले जाया गया और एक शराब के गोदाम में बंद कर दिया गया, जहाँ उनके साथ कथित तौर पर फिर से मारपीट की गई।

अधिकारी ने बताया, "उन्हें बंदूक की नोक पर डराया गया और डराने-धमकाने के लिए उनका वीडियो भी बनाया गया। आरोपियों ने शिकायतकर्ता का पर्स भी छीन लिया, जिसमें उनका आधिकारिक पहचान पत्र और 8,000 रुपये नकद थे।" उन्होंने बताया कि कुछ समय बाद पीड़ितों को छोड़ दिया गया, जिसके बाद शिकायतकर्ता ने आपातकालीन हेल्पलाइन के माध्यम से पुलिस को सूचित किया। बाद में बीजेआरएम अस्पताल में दोनों घायलों की मेडिकल जांच कराई गई।"शिकायत के आधार पर शालीमार बाग थाने में प्राथमिकी (एफ़आईआर) दर्ज की गई और मामले की जांच शुरू की गई। डीसीपी ने बताया, "एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने अपराध स्थल के सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया और सोनीपत के बहालगढ़ तक आरोपियों की आवाजाही का पता लगाया। मुखबिरों की मदद से पुलिस ने राहुल नैन की पहचान हरियाणा और दिल्ली के बीच अवैध शराब की आपूर्ति में शामिल मुख्य आरोपी के रूप में की।"उसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया और पूछताछ के दौरान उसने अपने सहयोगियों की पहचान उजागर की। आगे के सुरागों के आधार पर पुलिस ने एक अन्य आरोपी विनोद कुमार का पता लगाया, जो गिरफ्तारी से बचने के लिए पंजाब और उत्तराखंड में छिपा हुआ था। जीरकपुर, नैनीताल और कैंची धाम के माध्यम से उसकी गतिविधियों का पता लगाते हुए पुलिस टीमों ने आखिरकार उसे 18 और 19 मार्च की दरमियानी रात भारत-नेपाल सीमा के पास दबोच लिया, जहाँ से वह कथित तौर पर देश से भागने की कोशिश कर रहा था।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित