चंडीगढ़ , मार्च 19 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने गुरुवार को कहा कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पंजाब के वास्तविक मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए जानबूझकर गठबंधन में काम कर रही हैं।

पंजाब में केंद्र और भाजपा के खिलाफ गलत सूचना फैलाने के लिए दोनों दलों की कड़ी आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब जैसे सीमावर्ती राज्य में केंद्र के खिलाफ नफरत फैलाने के ऐसे प्रयास राज्य के भविष्य के लिए अत्यंत खतरनाक साबित हो सकते हैं।

तथ्यों और आंकड़ों के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि छह महीने बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आखिरकार स्वीकार किया है कि आपदा राहत के लिए केंद्र से 13,000 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे, जिसमें से केवल 477 करोड़ रुपये खर्च किये गये और बाकी का पिछली सरकारों द्वारा कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री को सरकारी खजाने के रिकॉर्ड की समीक्षा करने में इतना समय क्यों लगा। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर, उसी कांग्रेस के नेता, जिन पर मुख्यमंत्री धन के दुरुपयोग का आरोप लगा रहे हैं, संसद में आप सरकार के रक्षक के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विपक्ष के रूप में अपनी भूमिका में पूरी तरह विफल रही है, और इसके नेताओं ने या तो भगवंत मान को अपनी 'आवाज बेच दी' है या अपने पिछले भ्रष्टाचार के कारण बोलने की क्षमता खो दी है।

श्री जाखड़ ने आंकड़ों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के खिलाफ फैलाये जा रहे 'झूठे नैरेटिव' का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान कृषि बजट 21,933 करोड़ रुपये था, जबकि भाजपा सरकार के कार्यकाल में यह बढ़कर 1.30 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इस योजना के तहत 4.27 लाख करोड़ रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में स्थानांतरित किये गये हैं। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में उर्वरक सब्सिडी 18,460 करोड़ थी, जो भाजपा सरकार के कार्यकाल में इस वर्ष बढ़कर 1.77 लाख करोड़ रुपये हो गयी है। यूपीए ने एमएसपी खरीद पर 4.75 लाख करोड़ रुपये खर्च किये, जबकि भाजपा सरकार ने 18.98 लाख करोड़ खर्च किये हैं। पंजाब में गेहूं और धान का एक-एक दाना केंद्र सरकार द्वारा एमएसपी पर खरीदा जा रहा है।

पंजाब के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए भाजपा अध्यक्ष ने पूछा कि राज्य सरकार ने अपनी कृषि नीति अब तक लागू क्यों नहीं की है? उन्होंने कहा कि किसान नीति का मसौदा अक्टूबर 2023 से तैयार है, तो मुख्यमंत्री किसका इंतजार कर रहे हैं? पंजाब के पानी की कीमत के सवाल पर श्री जाखड़ ने कहा कि भाजपा हमेशा से पंजाब के कानूनी अधिकारों की पक्षधर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में नहरों और जलमार्गों पर सारा खर्च भारत सरकार द्वारा वहन किया गया है, लेकिन मुख्यमंत्री केंद्रीय निधि से बनी परियोजनाओं का श्रेय खुद लेते हैं और साथ ही केंद्र की आलोचना भी करते हैं। इसी तरह, उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पराली प्रबंधन के लिए केंद्रीय सहायता को स्वीकार नहीं करते हैं, जबकि अधिकांश धन केंद्र से आता है।

श्री जाखड़ ने कहा कि आप और कांग्रेस एक योजनाबद्ध एजेंडे के तहत भाजपा विरोधी माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पंजाब के लोग अब सच्चाई से वाकिफ हैं। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों में पंजाब की जनता आप और कांग्रेस के 'झूठ' के खिलाफ अपना फैसला सुनाएगी।

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