बेंगलुरु , जनवरी 26 -- कांग्रेस के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने वित्त, कानून और संसदीय मामलों के विभागों द्वारा जतायी गयी कड़ी आपत्तियों के बावजूद बेंगलुरु में दलित और पिछड़े समुदायों से संबंधित 22 मठों को लगभग 255 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी गोमाला भूमि आवंटित करने का फैसला किया है।

यह भूमि बेंगलुरु उत्तर के रावुत्तनहल्ली और दासनपुरा क्षेत्रों में स्थित है और बृहत् बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) की सीमा में आती है। सरकार ने यह फैसला पिछले हफ्ते लिया था।

रिपोर्टों के अनुसार, वित्त, कानून और संसदीय मामलों के विभागों ने गंभीर चिंताएं जताते हुए कहा था कि यह भूमि गोमाला श्रेणी में आती है और इसे निजी संस्थानों या संगठनों को हस्तांतरित या आवंटित नहीं किया जा सकता है।

अधिकारियों ने जगपाल सिंह बनाम पंजाब राज्य (2011) और हिंच लाल तिवारी बनाम कमला देवी (2001) सहित उच्चतम न्यायालय के कई फैसलों का हवाला दिया। यह स्पष्ट रूप से गोमाला भूमि, जल निकायों और सार्वजनिक उपयोग के लिए निर्धारित भूमि की सुरक्षा अनिवार्य करते हैं।

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