लखनऊ , फरवरी 09 -- बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत पर राज्यपाल के अभिभाषण को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

उन्होंने कहा कि संसदीय परंपरा के अनुसार दिया गया यह संबोधन प्रदेश के वास्तविक विकास, सर्वसमाज के उत्थान और व्यापक जनहित के मुद्दों से भटका हुआ नजर आया। उन्होंने कहा कि यह वास्तविक व थोड़ा उत्साही होता तो यह बेहतर होता।

सोमवार को सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए मायावती ने कहा कि वास्तव में पूरे उत्तर प्रदेश में सर्वसमाज के करोड़ों लोग सरकार की ग़लत नीतियों व कार्यकलापों आदि से दुखी व त्रस्त हैं। उन्हें ग़रीबी व बेरोज़गारी आदि के कारण अनेकों प्रकार की कठिन पारिवारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, किन्तु इन सबसे ज़्यादा उन्हें अपने जान, माल व मज़हब की ज़्यादा चिन्ता सता रही है, जिसके प्रति राज्यपाल को सरकार का ध्यान आकर्षित कराना चाहिए था।

मायावती ने कहा कि प्रदेश की जनता के साथ-साथ विपक्ष को भी थोड़ा आश्वासन मिलता, संभवतः जिसके अभाव के कारण ही राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष की नारेबाज़ी होती रही तथा हंगामा भी होता रहा। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के सम्बोधन में भाजपा की सरकार द्वारा जनहित व जनकल्याण सम्बंधी बड़े-बड़े दावों, आश्वासनों, घोषणाओं व वादों आदि को पूरा करने सम्बंधी विवरणों का अभाव भी लोगों की चिन्ता का कारण रहा। जिसका आगामी बजट भाषण में समायोजन करना उचित।

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