टिहरी , दिसंबर 05 -- उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले के बौराड़ी स्थित जिला अस्पताल का आयुष एवं आयुर्वेदिक विंग आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में आयुर्वेद, पंचकर्म और योग के प्रभावी संयोजन का उत्कृष्ट उदाहरण बन रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल के नेतृत्व में जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन की दिशा में यह पहल उल्लेखनीय साबित हो रही है।

वरिष्ठ चिकित्साधिकारी (आयुष) डॉ. सिद्धि मिश्रा ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि शिरोधारा, जानू वस्ति, नस्य, नेत्र तर्पण, उप्नाह स्वेद, जलौक चिकित्सा, उद्वर्तन और मात्रा वस्ती जैसी थैरेपी मरीजों में तनाव, माइग्रेन, जोड़ों एवं मांसपेशियों के दर्द, तथा अन्य समस्याओं में अत्यधिक लाभकारी सिद्ध हो रही हैं। आधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधा ईसीजी की उपलब्धता उपचार प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित एवं वैज्ञानिक बनाती है।

उन्होंने बताया कि आयुष एवं आयुर्वेदिक विंग में कुल छह डॉक्टर तैनात हैं, जिनमें से दो विशेषज्ञ सप्ताह में तीन दिन उपलब्ध रहते हैं, जिससे मरीजों को उच्च स्तरीय परामर्श और उपचार मिलता है। डॉ. मिश्रा ने बताया कि ओपीडी मरीजों की संख्या 2020-21 में 8,397 थी जो 2024-25 में 16,948 रही है। जबकि पंचकर्म उपचार के लिए 2020-21 में 426 मरीज आये थे जबकि 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 1,425 तक पहुंच गयी है।

उन्होंने बताया कि मरीजों के मानसिक स्वास्थ्य और शारीरिक संतुलन के लिए साप्ताहिक योग कक्षाएं भी आयोजित की जाती हैं, जिनमें प्रतिदिन 15-20 मरीज भाग लेते हैं। हर मरीज के लिए व्यक्तिगत रूप से तैयार किए गए हर्बल तेल और उपचार पद्धतियों से उपचार की गुणवत्ता और प्रभावशीलता बढ़ी है। डॉक्टर आहार, दिनचर्या और योग संबंधी परामर्श भी नियमित रूप से प्रदान करते हैं।

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