बैतूल , अप्रैल 6 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी विकासखंड स्थित सतपुड़ा ग्राउंड में आयोजित तीन दिवसीय "आदि रंग महोत्सव" में जनजातीय संस्कृति की समृद्ध परंपराओं की जीवंत झलक देखने को मिली। जनजातीय कार्य विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

महोत्सव के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उईके, जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह तथा घोड़ाडोंगरी विधायक गंगा सज्जन सिंह उईके मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और कलाकारों की प्रस्तुतियों का अवलोकन किया।

कार्यक्रम में छिंदवाड़ा के कलाकारों द्वारा सतम सुसुन और बेड़ें ढोल सुसुन की प्रस्तुति दी गई, जिसने दर्शकों को आकर्षित किया। जय भवानी आदिवासी युवा मंडल ने पारंपरिक गेड़ी नृत्य प्रस्तुत किया, जबकि गोंडी डंडार और भडनोई नृत्य की प्रस्तुतियों को भी खूब सराहा गया।

भैंसदेही की कलाकारों ने पुरिया नृत्य और गोंडी गीत की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में विशेष रंग भरा। इन प्रस्तुतियों ने जनजातीय जीवनशैली, परंपराओं और सांस्कृतिक विविधता को मंच पर सजीव कर दिया।

इस अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्री ने कहा कि जनजातीय संस्कृति प्रदेश की पहचान और गौरव है, जिसके संरक्षण के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि इस प्रकार के महोत्सव जनजातीय कला और संस्कृति को व्यापक पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम हैं और कलाकारों को मंच मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है।

विधायक ने कहा कि घोड़ाडोंगरी क्षेत्र सांस्कृतिक रूप से समृद्ध है और इस तरह के आयोजनों से स्थानीय प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर मिलता है। महोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में दर्शकों ने पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। आयोजन ने जनजातीय समाज की परंपराओं और मूल्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

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