रांची , फरवरी 03 -- झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने दुमका में सीएम हेमंत सोरेन के द्वारा दिए गए भाषण पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
श्री मरांडी ने आज कहा कि, आदिवासी समाज अपने स्वाभिमान, पहचान और अधिकारों को लेकर सजग हो रहा है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर लिखा, @हेमंतसोरेन जेएमएमजी, झारखंड के आदिवासी आपकी जागीर नहीं हैं कि उन्हें जब चाहें, जहाँ चाहें ले जाकर राजनीतिक भीड़ का हिस्सा बना दिया जाए। झारखंड के आदिवासी उन बेबस विधायकों की तरह नहीं हैं जिन्हें बसों में भरकर रायपुर भेज दिया जाए। चंद करोड़ रुपये में आदिवासी समाज की भावनाओं और झारखंड आंदोलन को बेचने वाले अपने पिता की दकियानूसी सोच से बाहर निकलिए। आदिवासी समाज अपने स्वाभिमान, पहचान और अधिकारों को लेकर सजग हो रहा है।
आज आपकी सरकार में झारखंड के आदिवासियों के साथ हो रहा सौतेला व्यवहार किसी से छुपा नहीं है। आदिवासी समाज के युवा नेता सूर्या हांसदा की हत्या पुलिस द्वारा की गई। आपकी सरकार के कार्यकाल में रांची में आदिवासी नेता सुभाष मुंडा और खूंटी में सोमा मुंडा की हत्या हुई।
रिम्स-2 के नाम पर आदिवासियों की जमीन हड़पने की साजिश रची गई। सिरमटोली में सरना स्थल की पवित्रता भंग करने का प्रयास हुआ। संताल परगना से लेकर कोल्हान तक बांग्लादेशी घुसपैठियों को बसाने का खेल चल रहा है।
हेमंत जी, आपने पेसा एक्ट के नाम पर आदिवासियों के साथ विश्वासघात किया और कन्वर्जन माफियाओं को खुश करने के लिए स्वशासन और रूढ़ीवादी परंपरा की परिभाषा तक बदल दी। आदिवासियों के जल-जंगल-जमीन को खनन माफियाओं के हाथों सौंप दिया।
खुद को जबरदस्ती आदिवासियों का हितैषी बता देने से आपके आदिवासी विरोधी कृत्य छुप नहीं जाएंगे।
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