कोण्डागांव, दिसम्बर 29 -- छत्तीसगढ़ के मोण्डागांव में थाना मर्दापाल पुलिस ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर घर से भगाकर तमिलनाडु ले जाने वाले आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई विगत दो माह से लापता नाबालिग के मामले पर गंभीरता को देखते हुए की गई, जिसमें पुलिस ने त्वरित और सुनियोजित कार्रवाई करते हुए आरोपी को दूसरे राज्य से पकड़कर स्थानीय न्यायालय में प्रस्तुत किया।

कोंडागांव एसपी कार्यालय से सोमवार को मिली जानकारी के मुताबिक, दिनांक 14 अक्टूबर 2025 को प्रार्थी ने थाना मर्दापाल में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 16 वर्ष 2 माह की नाबालिग बहन को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। रिपोर्ट के आधार पर थाना मर्दापाल में गुम इंसान तथा अज्ञात आरोपी के खिलाफ बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा (आईपीएस) के निर्देश पर अनुविभागीय अधिकारी सतीश भार्गव के पर्यवेक्षण में विशेष टीम गठित कर नाबालिग की तलाश प्रारंभ की गई। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और पूछताछ के दौरान पता चला कि नाबालिग को अंतिम बार संदेही निलन कोर्राम, उम्र 18 वर्ष 5 माह, निवासी पदेली डोंगरीपारा, थाना मर्दापाल के साथ देखा गया था।

सायबर सेल की मदद से आरोपी की लोकेशन तमिलनाडु के मीकानैकेनेपट्टी-एम कलाथुर रोड क्षेत्र में पाई गई। इसके बाद पुलिस टीम को तत्काल रवाना किया गया, जहां से नाबालिग को सुरक्षित दस्तयाब किया गया। पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने शादी का प्रलोभन देकर उसे बहला-फुसलाकर ले गया और नाबालिग होने की जानकारी के बावजूद उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया।

आरोपी निलन कोर्राम को गिरफ्तार कर 29 दिसंबर 2025 को माननीय अपर सत्र न्यायाधीश एफटीएससी पॉक्सो न्यायालय, कोण्डागांव में पेश किया गया। इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक राजकुमार सोरी सहित थाना मर्दापाल की टीम की सराहनीय भूमिका रही।

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