चंडीगढ़ , मार्च 25 -- पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने बुधवार को स्पष्ट किया कि वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक डॉ. गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में उन्होंने सीबीआई जांच का विरोध नहीं किया है, बल्कि केवल इस बात पर जोर दिया है कि कोई भी जांच उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश की देखरेख में होनी चाहिए।
श्री वड़िंग ने उन सुझावों का कड़ाई से खंडन किया कि उन्होंने सीबीआई जांच की मांग का विरोध किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत रूप से उन्हें लगता है कि भाजपा शासन के तहत सीबीआई ने अपनी विश्वसनीयता खो दी है और मामलों को तार्किक निष्कर्ष तक ले जाने में उसका रिकॉर्ड खराब रहा है। इसीलिए वह न्यायिक निगरानी चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि वह अपने संसदीय सहयोगियों के साथ खड़े हैं। उन्होंने पत्र पर हस्ताक्षर इसलिए नहीं किए क्योंकि उस दिन वह दिल्ली में नहीं, बल्कि शहीद भगत सिंह के शहीदी दिवस समारोह के सिलसिले में खटकड़ कलां में थे। उन्होंने पूछा, "इतने दिन बीत जाने के बाद भी गृह मंत्री ने जांच के आदेश क्यों नहीं दिए? क्या गृह मंत्री को किसी जांच का आदेश देने के लिए पत्र की आवश्यकता होती है?"श्री वड़िंग ने आरोप लगाया कि भाजपा और आप पहले से ही आपस में मिले हुए हैं, इसीलिए वह जांच की न्यायिक निगरानी पर जोर दे रहे हैं ताकि हेरफेर की कोई गुंजाइश न रहे। उन्होंने पंजाब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ द्वारा राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने को भी 'नाटक' करार दिया।
शिरोमणि अकाली दल के सुखबीर बादल द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ मिलीभगत के आरोपों पर वड़िंग ने कहा कि असल में स्थिति इसके उलट है। उन्होंने सवाल किया, "आप मंत्रियों ने दावा किया था कि वे सुखबीर के 'सुखविलास' होटल को गिरा देंगे, क्या उस होटल को कुछ हुआ? क्या मान ने सुखबीर की कोई बस रोकी?" उन्होंने कहा कि इसके विपरीत आप सरकार ने एक प्रमुख समाचार पत्र समूह के होटल को गिराने में जरा भी समय नहीं लगाया।
श्री वड़िंग ने कहा कि भगवंत मान, सुखबीर बादल, सुनील जाखड़, बिक्रम मजीठिया और रवनीत बिट्टू, सभी उन्हें इसलिए निशाना बना रहे हैं क्योंकि वे उनसे खतरा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने रवनीत बिट्टू द्वारा उन्हें 'गद्दार' कहे जाने पर चुटकी लेते हुए कहा कि यह "छोटा मुँह बड़ी बात" जैसा है, क्योंकि बिट्टू ने खुद कांग्रेस को धोखा देकर भाजपा का दामन थामा है।
मुख्यमंत्री द्वारा एक पुराने आत्महत्या मामले के संदर्भ पर वड़िंग ने स्पष्ट किया कि न तो पीड़ित परिवार ने और न ही किसी एफआईआर में उनका नाम लिया गया था। उन्होंने कहा कि वह पीड़ित परिवार उनके अपने परिवार जैसा है।
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