दंतेवाड़ा , जनवरी 30 -- छत्तीसगढ के दंतेवाडा जिला प्रशासन ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा में उनको शामिल करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू करते हुए राज्य बैंक ऑफ इंडिया के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से 35 आत्मसमर्पित युवाओं को राजमिस्त्री का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

जिला जनसंपर्क अधिकारी से शुक्रवार को मिली जानकारी के मुताबिक, प्रशिक्षण कार्यक्रम कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन में चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य इन युवाओं को रोजगारोन्मुखी कौशल से लैस करना है। प्रशिक्षण प्रधानमंत्री आवास योजना और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) जैसी योजनाओं के तहत जिले में कुशल निर्माण श्रमिकों की मांग को भी पूरा करेगा।

प्रतिभागियों को आधुनिक आवास निर्माण तकनीक, गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य, भवन संरचना, सामग्री प्रबंधन और कार्यस्थल सुरक्षा जैसे विषयों पर व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण पूरा होने पर उन्हें प्रमाण पत्र दिए जाएंगे, जो सरकारी और निजी निर्माण क्षेत्र में रोजगार पाने में मददगार होंगे।

इसके साथ ही प्रशिक्षणार्थियों को बैंकिंग सेवाओं, बीमा और व्यक्तित्व विकास का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एसबीआई आरसेटी के फैकल्टी ओम प्रकाश साहू ने बताया कि ग्राम पंचायत चितालंका में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

जिला प्रशासन का मानना है कि ऐसे कौशल विकास कार्यक्रम न केवल इन युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएंगे, बल्कि जिले में स्थायी शांति और सामाजिक समरसता को भी मजबूत करेंगे। यह पहल उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और हिंसा से दूर एक नई जिंदगी शुरू करने का अवसर प्रदान कर रही है।

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