कोण्डागांव , अप्रैल 06 -- छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव में विकासखंड फरसगांव के ग्राम पंचायत चिंगनार में राज्य शासन की पुनर्वास नीति के तहत अब शांति और विकास का माहौल बन रहा है। इसी बदलाव की मिसाल बने पवन कुमार, जिन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटते हुए अपने जीवन की नई शुरुआत की है।

जिला पीआरओ ने सोमवार को बताया कि पवन कुमार पहले माओवादी संगठन से जुड़े हुए थे। उस दौर में उनका जीवन कठिनाइयों और असुरक्षा से घिरा हुआ था। उनका परिवार जंगल किनारे स्थित एक जर्जर कच्चे मकान और झोपड़ी में रहने को मजबूर था, जहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव था और भविष्य को लेकर कोई स्पष्ट दिशा नहीं थी। लगातार संघर्ष और अस्थिरता के बीच उन्होंने यह महसूस किया कि हिंसा का मार्ग अंततः विनाश की ओर ही ले जाता है।

इस सोच के साथ उन्होंने शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर एक साहसिक निर्णय लिया और माओवादी संगठन से नाता तोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट आए। यह निर्णय उनके जीवन का निर्णायक मोड़ साबित हुआ। आत्मसमर्पण के बाद जिला प्रशासन ने उन्हें विभिन्न योजनाओं से जोड़ते हुए पुनर्वास की प्रक्रिया को मजबूत आधार दिया।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत विशेष परियोजना आवास (आत्मसमर्पित परिवार) के तहत पवन कुमार को पक्का मकान स्वीकृत किया गया। योजना के तहत उन्हें चरणबद्ध तरीके से आर्थिक सहायता प्रदान की गई, जिसमें पहली किश्त के रूप में 40 हजार रुपये, दूसरी किश्त में 55 हजार रुपये और अंतिम किश्त के रूप में 25 हजार रुपये की राशि दी गई। इसके साथ ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत 90 दिनों की मजदूरी भी उपलब्ध कराई गई।

प्राप्त सहायता का समुचित उपयोग करते हुए पवन कुमार ने निर्धारित समयसीमा में अपना पक्का घर तैयार कर लिया। यह घर उनके लिए केवल एक आशियाना नहीं, बल्कि एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की मजबूत नींव बन गया है। अब उनका परिवार सुरक्षित वातावरण में रह रहा है और भविष्य को लेकर आश्वस्त नजर आ रहा है।इसके अलावा शासन द्वारा उनके घर में बिजली कनेक्शन, रसोई गैस, शौचालय और नल-जल जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। इन सुविधाओं ने उनके जीवन स्तर में व्यापक सुधार किया है और उन्हें एक सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया है।

आज पवन कुमार अपने परिवार के साथ शांतिपूर्ण और खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे हैं। वे न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, बल्कि समाज के अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा बनकर उभरे हैं। उन्होंने शासन और प्रशासन की इस पहल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है।

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