नयी दिल्ली , दिसंबर 22 -- सीमेंट, इस्पात और उर्वरक क्षेत्र के अच्छे प्रदर्शन की बदौलत आठ प्रमुख उद्योगों के उत्पादन में नवंबर, 2025 में 1.8 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गयी।
इस दौरान कोयले के उत्पादन में भी सालाना आधार पर बढोतरी हुई। इसके विपरीत कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, पेट्रोलियम शोधन उद्योग और बिजली के उत्पादन में गिरावट दर्ज की गयी। इन आठ उद्योगों का देश के कुल औद्योगिक उत्पादन में 40.27 प्रतिशत योगदान है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी नवंबर के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार कोयला कोयला उत्पादन नवंबर में 2.1 प्रतिशत बढ़ा लेकिन चालू वित्त वर्ष , 2025-26 की अप्रैल से नवंबर की अवधि में कोयला उत्पादन में 1.4 प्रतिशत की गिरावट रही।
नवंबर में कच्चे तेल का उत्पादन एक साल पहले से 3.2 प्रतिशत घटा और अप्रैल से नवंबर के की अवधि में इसमें 1.3 प्रतिशत की गिरावट रही।
प्राकृतिक गैस का उत्पादन नवंबर 2.5 प्रतिशत घटा तथा अप्रैल से नवंबर के दौरान इसमें कुल मिला कर सालाना आधार पर 3.0 प्रतिशत की गिरावट रही।
पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पादन नवंबर 2025 में नवंबर 0.9 प्रतिशत कम रहा जबकि अप्रैल-नवंबर, 2025-26 की अवधि में इस क्षेत्र का संचयी उत्पादन 0.2 ऊचा रहा।
उर्वरक उत्पादन में नवंबर में सालाना आधार पर 5.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई जबकि इस वर्ष अप्रैल से नवंबर के दौरान का उत्पादन एक साल पहले इसी अवधि की तुलना में 1.3 प्रतिशत बढ़ा।
नवंबर में इस्पात उत्पादन में 6.1 प्रतिशत और अप्रैल से नवंबर अवधि के उत्पादन में 9.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी।
सीमेंट उत्पादन नवंबर 14.5 प्रतिशत बढ़ा और अप्रैल से नवंबर की अवधि में उत्पादन वृद्धि 8.2 प्रतिशत रही।
बिजली उत्पादन नवंबर में पिछले साल इसी माह की तुलना में 2.2 प्रतिशत घट गया जबकि अप्रैल - नवंबर, 2025 के दौरान इस क्षेत्र का संचयी उत्पादन साला आधार पर 0.3 प्रतिशत कम रहा।
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