कोंडागांव , अप्रैल 09 -- छत्तीसगढ में कोंडागांव जिले के दूरस्थ ग्राम कुधुर निवासी रमशीला कश्यप ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़कर किराना दुकान के माध्यम से आजीविका का स्थायी साधन निकाला है। करीब 50 हजार रुपये की लागत से शुरू हुई इस दुकान से उनके परिवार का भरण-पोषण हो रहा है और ग्रामीणों को गांव में ही आवश्यक सामग्री उपलब्ध हो रही है।
जिला जनसंपर्क अधिकारी ने गुरुवार को बताया - रमशीला कश्यप ने वर्ष 2018 में 'जय मां दंतेश्वरी' स्व-सहायता समूह की सदस्य बनकर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया। उस समय गांव में एक ही किराना दुकान होने के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए लगभग 20 किलोमीटर दूर मर्दापाल जाना पड़ता था। इस समस्या को देखते हुए उन्होंने समूह से प्राप्त 50 हजार रुपये की सहायता से गांव में ही किराना दुकान शुरू की।
आज यह दुकान ग्रामीणों के लिए सुविधा का केंद्र बन चुकी है, जहां दैनिक उपयोग की वस्तुएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। इससे ग्रामीणों को बाहर जाने की आवश्यकता कम हुई है और समय के साथ परिवहन खर्च में भी बचत हो रही है।
रमशीला का परिवार पहले केवल कृषि पर निर्भर था लेकिन अब किराना दुकान के माध्यम से उन्हें अतिरिक्त सहारा मिला है। इस आय से उनके परिवार का नियमित भरण-पोषण हो रहा है और आर्थिक स्थिति में स्थिरता आई है। स्थानीय स्तर पर यह पहल अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है, जहां स्व-सहायता समूहों के माध्यम से छोटे व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
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