गोरखपुर , फरवरी 02 -- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मंडल में ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए आजीविका मिशन के तहत डेयरी सेक्टर से जुड़कर 47 हजार महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही हैं जिसका जरिया बना है श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन ;एमपीओ.।
इस एमपीओ की शेयरहोल्डर ग्रामीण महिलाएं ही हैं और इनके बल पर इस संस्था ने महज दो साल दो माह में 192 करोड़ रुपए का टर्नओवर हासिल कर लिया है। श्री बाबा गोरखनाथ कृपा एमपीओ का गठन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के सहयोग से किया गया है। यह एमपीओ 26 नवंबर 2023 से क्रियाशील हुआ।
इसके मुख्य कार्यपालक अधिकारी ;सीईओ. धनराज साहनी के अनुसार क्रियाशीलता के दो साल दो माह में 31 जनवरी 2026 तक गोरखपुर मंडल की 47 हजार महिलाएं इससे जुड़कर अपनी आर्थिकी मजबूत कर रही हैं। इस अवधि में एमपीओ का टर्नओवर 192 करोड़ रुपये का है। अब तक एमपीओ द्वारा 155 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान महिला शेयरहोल्डर्स को किया जा चुका है।
एमपीओ की शेयरहोल्डर महिलाएं प्रतिदिन डेढ़ लाख लीटर से अधिक दूध का संग्रह करती हैं। एमपीओ से जुड़ी करीब दो हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। इस एमपीओ का कार्यक्षेत्र मंडल के चार जिलों गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया और कुशीनगर है। एमपीओ द्वारा 500 से अधिक मिल्क पूलिंग पॉइंट्स के माध्यम से संग्रहित दूध की आपूर्ति मदर डेयरी को की जाती है। लखपति दीदियों के अलावा एमपीओ से जुड़ी अन्य महिलाएं भी औसतन प्रतिमाह सात से आठ हजार रुपये की आय घर बैठे प्राप्त कर रही हैं। सीईओ धनराज शाहनी का कहना है कि एमपीओ की यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन का परिणाम है। उनकी प्रेरणा और दूरदर्शी दृष्टिकोण से ग्रामीण क्षेत्र की हजारों महिलाएं आत्मनिर्भरता और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
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