आजमगढ़ , मार्च 24 -- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले की दीवानी न्यायालय ने 24 वर्ष पुराने चर्चित सोहराब हत्याकांड में मंगलवार को फैसला सुनाते हुए तीन दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय प्रकाश पांडेय की अदालत ने लंबी सुनवाई और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद इम्तियाज, अलीशेर और नदीम को दोषी करार दिया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, देवगांव थाना क्षेत्र के बैरीडीह गांव निवासी सोहराब की 19 नवंबर 2002 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना उस समय हुई जब वह आजमगढ़ कलेक्ट्रेट क्षेत्र स्थित एक होटल से बाहर निकल रहे थे। आरोप है कि पहले से घात लगाए बैठे तीनों आरोपियों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

मामले की विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता प्रियदर्शी पियूष त्रिपाठी और एडीजीसी दीपक कुमार मिश्रा ने कुल नौ गवाहों को पेश किया।

साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने तीनों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि वसूले गए जुर्माने की राशि का 70 प्रतिशत हिस्सा वादी मोहम्मद राफे को प्रदान किया जाए।

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