लखनऊ , फरवरी 20 -- उत्तर प्रदेश विधानसभा में शुक्रवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के मानदेय पर सवाल खड़े किए गए। इसको लेकर सरकार ने अपनी तरफ़ से जवाब दिया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही समाजवादी पार्टी (सपा) की विधायक रागिनी सोनकर ने श्रम एवं रोजगार मंत्री से पहला सवाल किया। उन्होंने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उन्हें सरकारी कर्मचारियों के बराबर वेतन दिया जाना चाहिए।

इस पर श्रम एवं रोजगार मंत्री अनिल राजभर ने जवाब देते हुए कहा कि निविदा में कार्य अवधि पहले से निर्धारित होती है। कंपनियां बदल सकती हैं, लेकिन कर्मियों को नहीं बदला जाता। उन्होंने बताया कि इस संबंध में 2009 और 2016 के आदेश लागू हैं और वर्तमान सरकार ने इसमें कोई नया निर्णय नहीं लिया है।

इसके बाद सपा विधायक आरके वर्मा ने महंगाई का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कविता के माध्यम से तंज कसते हुए कहा, "तेल की बोतल पूछ रही है ये, पहले तुम ही खरीदते थे मुझे. आज क्यों सोच रहे हो।" उन्होंने आरोप लगाया कि आलू किसान परेशान हैं जबकि बिचौलिये मालामाल हो रहे हैं।

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