झुंझुनू , दिसम्बर 17 -- राजस्थान में झुंझुनू जिले के गुढ़ागौड़जी के खेदड़ों की ढाणी निवासी मुकुल चौधरी अब आईपीएल के अगले सत्र में लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम की ओर से खेलेगा।
मंगलवार को हुए मिनी ऑक्शन में मुकुल चौधरी की बेस प्राइज 30 लाख रूपए थी, लेकिन लखनऊ सुपर जायंट्स ने उसे दो करोड़ 60 लाख रूपए में खरीदा।
मुकुल चौधरी की इतनी बड़ी बोली और लखनऊ सुपर जायंट्स का इतना बड़ा विश्वास दरअसल इसी नवंबर-दिसंबर में घरेलु क्रिकेट में मुकुल चौधरी की चार आतिशी पारी महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है। मध्य क्रम के बल्लेबाज के साथ विकेटकीपर मुकुल चौधरी राजस्थान की टीम की ओर से खेलता है। नवम्बर में अंडर- 23 स्टेट ए ट्रॉफी के एलीट मैचों में लगातार दो मैचों में न केवल मुकुल चौधरी ने राजस्थान की बिखरती टीम को संभाला। बल्कि ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए सामने वाली टीम के सामने पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया। जिससे राजस्थान ने जीत दर्ज की।
अहमदाबाद में हुए इसी शृंखला में दिल्ली के खिलाफ 50 ओवरों के मैच में जब राजस्थान की टीम 84 रन पर चार विकेट गंवा चुकी थी। तब मध्य क्रम में आते हुए मुकुल चौधरी ने दिल्ली को जमकर धोते हुए महज 79 बॉल्स पर चौकों और छक्कों की मदद से 121 रन बनाये और नाबाद रहे। इस मैच में राजस्थान की टीम ने छह विकेट में 330 रन बनाए। दिल्ली की टीम 137 रनों से मैच हार गई। इसके तीन दिन बाद ही मुकुल चौधरी ने इसी ट्रॉफी में रेलवे के खिलाफ भी राजस्थान की टीम को उस वक्त संभाला, जब राजस्थान के चार खिलाड़ी 90 रन पर पैवेलियन लौट चुके थे। इस मैच में मुकुल चौधरी ने सात चौकों और 11 छक्कों की मदद से 86 बॉल्स पर ही 147 रन बनाकर नाबाद रहे। यह मैच भी राजस्थान की टीम ने जीता।
इसी महीने पांच दिसम्बर को मुश्ताक अली ट्रॉफी के टी-20 मैच में अहमदाबाद में खेलते हुए मुकुल चौधरी ने 26 गेंदों पर ताबड़तोड़ 62 रन की नाबाद पारी खेली थी। यह मैच दिल्ली के खिलाफ था।
मुकुल चौधरी के पिता दलीप खेदड़ बताते है कि मुकुल पिछले 10 वर्षों से प्रेक्टिस कर रहे है। मुकुल की मेहनत ने मंगलवार को पहला मुकाम हासिल किया और आईपीएल में मुकुल की एंट्री हो गई। मुकुल ने मुख्य रूप से सीकर और जयपुर की क्रिकेट एकेडमियों में विकेट कीपिंग और बल्लेबाजी के गुर सीखे। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता योगराज की चंडीगढ़ स्थित क्रिकेट एकेडमी, भारतीय टीम के बल्लेबाज रोहित शर्मा के कोच दिनेश लाड, गुड़गांव और दिल्ली की प्रसिद्ध एकेडमियों में भी जाकर उन्होंने क्रिकेट की बारीकियां सीखीं। मुकुल चौधरी 12वीं तक पढे है। मां सुनिता अध्यापिका है। पिता दलीप खेदड़ बताते है कि कोच कमलेश रोहिला का मार्गदर्शन और उनकी मेहनत का बड़ा योगदान रहा है।
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